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बन्दर मामा-बन्दर मामा
बन गए दूल्हे पहन पजामा।

बन्दरिया मामी नहीं है आई
मामा ने है रट लगाई
करवा दो अब मेरी सगाई
दुल्हन मेरी सुन्दर लाना
बन्दर मामा-------------।

रसगुल्ले बर्फी आदि मिठाई
और शादी में दही भी लाना
हाथी भालू घोडे बिल्ली
सब के सब शादी में आना
बन्दर मामा---------------।

शादी का दिन जब भी आया
सभी ढोल पर लगे थिरकने
बन्दर मामा भी लगे उछलने
झट से उनका फटा पजामा
बन्दर मामा-------------।

मौलिक व अप्रकाशित
सुरेश कुमार ' कल्याण '

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एक सहज और पठनीय गेय बाल-गीत के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ. सतत प्रयासरत रहें.  धीरे-धीरे मात्रिकता के अनुसार रचनाकर्म का अभ्यास उचित होगा. 

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