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sanjiv verma 'salil''s Discussions (1,064)

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सदस्य टीम प्रबंधन

"shukriya."

sanjiv verma 'salil' replied Sep 21, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"मैंने भी यह रचना अपनी माँ की स्मृतियों में डूबकर ही की है. आपके दिल तक बात पहुँच सकी…"

sanjiv verma 'salil' replied Sep 21, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"इस रचना का कथ्य, शिल्प, बिम्ब और भाव सभी लीक से कुछ हटकर है. अपनी बात कहें और आप के…"

sanjiv verma 'salil' replied Sep 21, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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"एक और मुक्तिका: माँ! अधूरी मेरी बन्दगी रह गई संजीव 'सलिल' * ज़िंदगी में तुम्हारी कमी…"

sanjiv verma 'salil' replied Sep 21, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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"बहुत अच्छे. आज़र साहब से सहमत हूँ. ''आपकी ग़ज़ल में त्रुटि जो हैं, वो अल्फाजों की अद…"

sanjiv verma 'salil' replied Sep 20, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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"अरविन्द जी ग़ज़ल अच्छी लगी."

sanjiv verma 'salil' replied Sep 20, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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"वाह... वाह... हर शे'र काबिले तारीफ़ और दिल में उतरनेवाला है. आपकी नज़र कुछ पंक्तियाँ त…"

sanjiv verma 'salil' replied Sep 20, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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"शारदा की कृपा जब भी जिस पर हुई. उसकी हर पंक्ति में इक ग़ज़ल रह गई॥ पुष्प सौरभ लुटाय…"

sanjiv verma 'salil' replied Sep 20, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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"बहुत अच्छे शे'र कहे हैं. ."

sanjiv verma 'salil' replied Sep 20, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"डॉ. ब्रजेश जी का सुझाव अच्छा है. क्या इससे आप सहमत हैं? क्या अवध में राम जन्म स्थान…"

sanjiv verma 'salil' replied Sep 20, 2010 to विमर्श: अयोध्या विवाद और रचनाकार

4 Oct 1, 2010
Reply by विवेक मिश्र

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