For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Nilesh Shevgaonkar's Discussions (1,981)

Discussions Replied To (1968) Replies Latest Activity

"आ. तेजवीर जी,कथानक और सन्देश जो हो लेकिन तथ्य ठीक नहीं हैं...विभाजन का कारण सिर्फ जि…"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 (विषय: भारत)

286 Apr 30, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"धन्यवाद आ. विनय जी,मुझे नहीं पता लघुकथा क्या होती है ..मुझे लगा कि आज का भारत जैसा म…"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 (विषय: भारत)

286 Apr 30, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

"भारतवर्ष . 5000 साल बाद  कुरु सभा फिर अट्टाहस कर रही थी, द्रौपदी निर्वस्त्र थी, पान…"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 (विषय: भारत)

286 Apr 30, 2018
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

सदस्य टीम प्रबंधन

"बहुत समय बाद संकलन देख कर अच्छा लगा..हरे-लाल का डर हमेशा बना रहता  था... अब भी रहता…"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 29, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94 सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

16 May 7, 2018
Reply by Manan Kumar singh

"आ. सुरेंदर जी,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ   है // थोडा और समय देते ग़ज़ल और निखर सकती थी..…"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"धन्यवाद आ. आशीष जी,आप को ग़ज़ल पसंद आई यह जानकर हौसला बढ़ा है सादर "

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"धन्यवाद आ. रवि जी .. "

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"धन्यवाद आ बासुदेव जी"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आभार आ हर्ष जी"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"धन्यवाद आ तस्दीक अहमद साहब"

Nilesh Shevgaonkar replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service