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Er. Ganesh Jee "Bagi"'s Discussions (8,124)

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प्रधान संपादक

"जिस2के2 ख1/  या2ल1 हर2त1/ रफ़ 2पर2चम2 ब1/             ने 2उ1ड़ें2वो 2खा 2र1/  हा 2स1मा…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ में शामिल सभी ग़ज़लें

94 Apr 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

प्रधान संपादक

"सौरभ भईया, आपकी बात सही है, इसलिए ग़ज़ल कही जाती है , पढ़ी जाती है किन्तु लिखी नहीं ज…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ में शामिल सभी ग़ज़लें

94 Apr 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

प्रधान संपादक

"अरुण भाई थोड़ी सावधानी रखिये उक्त टूल भी बहुत बढ़िया काम करता है |"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ में शामिल सभी ग़ज़लें

94 Apr 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

प्रधान संपादक

"ये(२) शा(२)य(१)री(२) ज़(१)बां(२) है(१*) कि(१)सी(२) बे(२)ज़(१)बा(२)न(१) की(२)   * गिर…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ में शामिल सभी ग़ज़लें

94 Apr 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत खूब आदरणीय"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

":-)"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"खुबसूरत प्रयास , ब्रिजेश भाई साहब |"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"हाथों से आपके जो हमें मिल सके दवा, तो फिक्र कौन करता है ‘सज्जन’ निदान की   कहन सही ह…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"धर्मेन्द्र भाई, वैसे पटकने से तो दवा ही गिर जाएगी, फिर उनके हाथों से पीजिएगा क्या :-…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"//गेहूँ की साँस में घुली खुशबू है धान की ये शायरी जुबाँ है किसी बेजुबान की// क्या बा…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

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