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डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's Discussions (3,041)

Discussions Replied To (2042) Replies Latest Activity

"आ० राहिला जी  झुग्गियों को कई कोण से परखने पर बधाई ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आ० विजय सर ! बहुत बढ़िया अस्त-व्यस्त परिवारों का जीवन ,झुग्गियों की दूर तक फ़ैली लंबी…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आ० मिथिलेश जी ' सरसी को  ऐसा सरसाया चकित हए सब लोग हुआ समाहित इस कविता में उनका जीवन…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आ० अच्छा चित्रंण  हुआ है , सादर . ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आ० पंकज जी , बहुत बढ़िया कहा आपने ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बड़ा ही मार्मिक चित्रण आ०"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आ० अखिलेश जी . जुग्गियों को की अंदाज में परखने के लिए बधाई ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"221 2121 1221 212 गजल भारत के हर शहर में मयस्सर है झुग्गियां इस देश का गरीब मुकद्दर…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह वाह  बहुत सुन्दर आपने अपनी कल्पना से इतिहास कथा को जीवंत कर दिया . सादर "

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आ० कथा तो अच्छी हुई  है  ढहते किले का दर्द कम  माँ का विक्षोभ अधिक है  जो ढलती उम्र…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

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