For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er. Ambarish Srivastava's Discussions (6,307)

Discussions Replied To (3415) Replies Latest Activity

"प्रबिस नगर कीजे सब काजा ! प्याज बजाये सबके बाजा !! मंगल भवन अमंगल हारी ! रामदेव की ह…"

Er. Ambarish Srivastava replied Mar 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ५ (closed now)

656 Mar 6, 2011
Reply by Dr Nutan

"प्रिय गणेश जी , यह तो आप सभी का प्यार है और फागुनी उत्साह.... वरना हम तो कुछ भी नहीं…"

Er. Ambarish Srivastava replied Mar 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ५ (closed now)

656 Mar 6, 2011
Reply by Dr Nutan

"भाई  विवेक मिश्र जी! आपका बहुत-बहुत आभार !"

Er. Ambarish Srivastava replied Mar 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ५ (closed now)

656 Mar 6, 2011
Reply by Dr Nutan

"धन्यवाद बागी जी !"

Er. Ambarish Srivastava replied Mar 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ५ (closed now)

656 Mar 6, 2011
Reply by Dr Nutan

"आदरणीय राजबुन्देली  जी आपका बहुत-बहुत आभार |"

Er. Ambarish Srivastava replied Mar 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ५ (closed now)

656 Mar 6, 2011
Reply by Dr Nutan

"फागुन में बौरा गये, भाँग पिये बिन आम. मैना फगुआ गा रही, परदेसी के नाम.. सुन होरी के…"

Er. Ambarish Srivastava replied Mar 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ५ (closed now)

656 Mar 6, 2011
Reply by Dr Nutan

"झूमते गाते हैं बच्चे खिलखिलाते प्यार से|रंग फूलों सा चमकता प्रीति नेह दुलार से||भावन…"

Er. Ambarish Srivastava replied Mar 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ५ (closed now)

656 Mar 6, 2011
Reply by Dr Nutan

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय गणेश जी, आपका तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ कि यह ख़यालात आपको पसंद आये .........…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 24, 2011 to OBO लाइव तरही मुशायरा-7(Closed Now)

624 Jan 24, 2011
Reply by Shesh Dhar Tiwari

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय प्रीतम  तिवारी जी, ग़ज़ल की तारीफ के लिए आपका बहुत बहुत आभार ........"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 23, 2011 to OBO लाइव तरही मुशायरा-7(Closed Now)

624 Jan 24, 2011
Reply by Shesh Dhar Tiwari

सदस्य टीम प्रबंधन

"शख्स जो ढोता है बोझा चार पैसों के लिए       उसके कन्धों पर कहीं सर से जियादा भार है …"

Er. Ambarish Srivastava replied Jan 23, 2011 to OBO लाइव तरही मुशायरा-7(Closed Now)

624 Jan 24, 2011
Reply by Shesh Dhar Tiwari

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service