For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (5,154)

Discussions Replied To (4485) Replies Latest Activity

"बहुत बढ़िया सार्थक रोचक बढ़िया संदेश सम्प्रेषित करती रचना के लिए हृदयतल से बहुत बहुत…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रकृति के उपहारों, त्याग आदि की बात बख़ूबी शाब्दिक करते हुए सुंदर अपील/आह्वान करती…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"व्यंगात्मक शैली में पर्यावरण असंतुलन करने व उसके घातक परिणामों को भोगने की प्रवृत्ति…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"पहले आपकी एक बेहतरीन लघुकथा पढ़ी थी इसी विषय पर। अब गांव के अतीत और वर्तमान परिदृश्य…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"दोनों रचनाओं के बेहतरीन अनुपम प्रयास के लिए बहुत बहुत हार्दिक बधाई आपको आदरणीय शुधेन…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जन्मदिन की वर्षगाँठ पर हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ आपको आदरणीया राजेश कुम…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"वाह.. बेहतरीन ग़ज़ल तो है ही, बेहतरीन स्लोगन भी हैं। बच्चों के लिए भी बेहतरीन रचना।…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह... // संरक्षण करते सजग , रहना सुजन प्रबुद्ध,पवन प्रकृति पर्यावरण, रखना शुद्ध विश…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह वाह क्या बात है मोहतरम जनाब तस्दीक़ अहमद ख़ान साहब।शे'अर-दर-शे'अर दाद-ओ-मुबारक़ब…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत ही कम व सरल सरस शब्दों में गहरी बात, गहरे संदेश सम्प्रेषित करती हुई बेहतरीन अनु…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
2 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
yesterday
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
yesterday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
yesterday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" posted a blog post

दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
yesterday
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

समय

समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
yesterday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय सौरभ जी"
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
May 25
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' shared their blog post on Facebook
May 24
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ravi Shukla जी"
May 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service