For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सालिक गणवीर's Discussions (607)

Discussions Replied To (606) Replies Latest Activity

"आदरणीय भाई  Dayaram Methani जी,सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी आमद और सराहना के लिए ह्रदय स…"

सालिक गणवीर replied May 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया  Richa Yadav जी,सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी आमद और सराहना के लिए ह्रदय से आभार…"

सालिक गणवीर replied May 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय भाई Naveen Mani Tripathi जी,सादर अभिवादन बहुत उम्दः तरही ग़ज़ल कही है आपने ,दाद…"

सालिक गणवीर replied May 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय भाई  Aazi Tamaamजी,सादर अभिवादन बहुत उम्दः तरही ग़ज़ल कही है आपने ,दाद और मुबार…"

सालिक गणवीर replied May 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया Richa Yadavजी,सादर  अभिवादन बहुत उम्दः तरही ग़ज़ल कही है आपने ,दाद और मुबारकबा…"

सालिक गणवीर replied May 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी,सादर अभिवादन बहुत उम्दः तरही ग़ज़ल कही है आपने ,द…"

सालिक गणवीर replied May 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"221 2121 1221 212 इफ़रात है ग़मों की तो ख़ुशियाँ भी कम नहींइस वास्ते भिगोते कभी आँख ह…"

सालिक गणवीर replied May 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131

314 May 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"विनम्र श्रद्धांजलि"

सालिक गणवीर replied May 25, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"भाई नादिर ख़ान जी आदाब बढ़िया तरही ग़ज़ल हुई है, बधाइयाँ स्वीकार करें."

सालिक गणवीर replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"भाई दिनेश कुमार विश्वकर्मा जी सादर अभिवादन बढ़िया तरही ग़ज़ल कही है आपने ,बधाइयाँ. भाई…"

सालिक गणवीर replied Apr 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Feb 4
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service