For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er. Ambarish Srivastava's Discussions (6,307)

Discussions Replied To (3415) Replies Latest Activity

"//भला पास ठहरेंगी कैसे बलायें, मेरे सर पे रख हाथ माँ जब दुआ दें. हैं बारेगरां चन्द…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//बड़ी हो चुकी समझदारी की बाते अरे कोई आके मुझे बच्चा बना दे चलो आज मंदिर ना पहुचे…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//कहां खो गए लोग कहते थे जो यूं- ‘चलो ज़िंदगी को मुहब्बत बनादें’ तसल्ली सुकूं चैन कु…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//वो मेरे भले की न सोचें, तो बेहतर अगर दिल करे तो, उजाड़े, मिटा दें   ब-कद्रे जरूरत*…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//दश्तो - दरख्त हैं मुहाफिज हमारे, कहो क्या सही है, इन्हें हम मिटा दे?   करें हम भला…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//जहर को जरा जिंदगी से भगा दे चलो जिन्दगी को मोहब्बत बना दे ।// बहुत खूब लाली साहब अ…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//'मोहब्बत खुदा' की नियामत  समझ कर उसे बंदगी औ इबादत बना दें मोहब्बत दिलों में जला…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//सभी खार नफ़रत के चुनकर हटा दें चमन में मुहब्बत के बूटे खिला दें बुलंदी पे जो हैं…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"जय हो | जय हो |"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"//ज़माने से सोया नहीं आसमां ये , करें नींद का सौदा इसको सुला दें | अमीरी गरीबी में…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 31, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १३ (Now closed with 762 Reply)

762 Jul 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service