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वीनस केसरी's Discussions (2,462)

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"शानदार पुर असर कलाम के लिए ढेरो दाद क़ुबूल फरमाएंये अशआर ख़ास पसंद आये और कुछ था मेरे…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"हम सभी प्रतीक्षारत हैं"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"खूब रवायती ग़ज़ल हुई है ... एक एक शेर इश्क में पगा हुआ है ...जिस घड़ी उनकी आँखों से आँख…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"दोस्तों से तो बिछड़े ज़माना हुआ, अब तो दिल दुश्मनों का निशाना हुआ।शेर बहुत खूबसूरत है…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"जब से साँसों का फिर से न आना हुआ ख़त्म जीवन का तब से तराना हुआ / इस कदर चाहता मेरा दि…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"शानदार मतला हुआ है इसके लिए अलग से बधाई बाकी ग़ज़ल भी खूबसूरत हुई है लुत्फ़ आ गया"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
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"वाह वा ये तो डबल बोनान्ज़ा हो गया ग़ज़ल के साथ साथ गीत का लुत्फ़ फ्री फ्री फ्री बेहद शान…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"जब नयी दास्तानों का आना हुआ,सूखे हर्फों का रुख़ शायराना हुआ- वाइज़ों के लिये, ज़ख्म छोट…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"चाहतों को इधर फिर उड़ाने मिलींजब हया से तेरा मुस्कुराना हुआफिर वही ख़त, किताबें,वही गु…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"साँस पर बंदिशे तारी होने लगीं जुर्म लड़की का बस मुस्कुराना हुआ   अनकही गाँठ चुटकी में…"

वीनस केसरी replied Dec 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 42 (Now Close)

820 Dec 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

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" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
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"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
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धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
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Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
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