For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Discussions (27)

Discussions Replied To (24) Replies Latest Activity

"मनहर भाव युक्त सृजन आदरणीय केशव जी "

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"बहुत सुन्दर नूतन भाव लिए सरस्वती वंदना के लिए बधाई आदरणीय Gopal Krishna Bhatt 'Aakul…"

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"आशंकाओं की गर्मी से मन उपवन को मत झुलसाना , तय समझ सवेरे का आना वाह वाह ,बहुत सुन्द…"

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"कोरोना के अच्छे प्रभावों और बुरे प्रभावों का वर्णन करती सुन्दर रचना सृजित हुई है आदर…"

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"धैर्य अभी तक जिन्दा है, और सभी पर भारी है, -- क्या कहने लाजवाब सृजन "

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"छाया  महा अवसाद बन जीवन तिमिर,  उम्मीद की  किरणों से तम छंटता रहा | ---अत्युत्तम प्र…"

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"वाह वाह दोनों रचनाएँ शानदार अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी  "

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"सादर आभार आद. योगराज प्रभाकर  जी ,  अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव  जी,  Satyanarayan Singh…"

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"सादर आभार आदरणीय  Hariom Shrivastava जी  सादर आभार आदरणीया pratibha pande जी  सादर आ…"

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 12, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"उम्मीद की किरण ** टूटने को हौसला हो बहुत मुश्किल फ़ैसला हो ढूंढिए हर हाल में उम्मीद क…"

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' replied Apr 11, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-114

162 Apr 13, 2020
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service