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Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (5,155)

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"इस जानकारी से हमें भी लेखन संबंधित मार्गदर्शन मिलता है। सादर हार्दिक धन्यवाद आदरणीय…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"प्रदत्त विषय और शीर्षक को उभारती/परिभाषित करती भावपूर्ण व प्रवाहमय बेहतरीन लघुकथा के…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"रचना पर समय देकर अनुमोदन हेतु व प्रोत्साहित करने के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिय…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया राजेश कुमारी जी इस हौसला अफ़ज़ाई के लिए। समय शाम का है पा…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"सादर हार्दिक आभार इस सार्थक, सटीक उम्दा कटाक्षपूर्ण, यथार्थपूर्ण बेहतरीन लघुकथा के ल…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"आदाब। अपनी शैली से हटकर लिखा है आपने। अच्छा विषय व कथानक लिया है। हार्दिक बधाई आदरणी…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"इस आयोजन में आपकी महत्त्वपूर्ण उपस्थिति और मेरी रचना पर समय देकर समीक्षात्मक टिप्पणी…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"जी शुक्रिया आदरणीया कल्पना भट्ट जी।"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"आपकी यहां उपस्थिति और आपकी अमूल्य टिप्पणियों के साथ सुझाव हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"रचना पटल पर समय देकर समीक्षात्मक टिप्पणी द्वारा हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

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" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
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"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
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दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
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रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
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रोहित डोबरियाल "मल्हार" posted a blog post

दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
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समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
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धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
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आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
Friday

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Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
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