For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Anil Kumar Singh's Discussions (282)

Discussions Replied To (277) Replies Latest Activity

"मुझे कोई पोस्ट नज़र नहीं आ रही"

Anil Kumar Singh replied Dec 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-126

267 Dec 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"मान्यवर सालिक गणवीर जी बहुत शानदार ग़ज़ल हुई.. चौथा और छठा शेर बहुत ख़ूब . बधाई . मतले…"

Anil Kumar Singh replied Dec 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-126

267 Dec 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"मान्यवर नवीन जी,बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई . बधाई"

Anil Kumar Singh replied Dec 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-126

267 Dec 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"2122 1122 1122 22 इक नज़र देखा तुझे शाम से पहले पहले और बेख़ुद मैं हुआ जाम से पहले पह…"

Anil Kumar Singh replied Dec 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-126

267 Dec 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"धन्यवाद आदरणीय अमीर साहब "

Anil Kumar Singh replied Nov 28, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125

244 Nov 29, 2020
Reply by सालिक गणवीर

"गहराई तक ग़ज़ल की सराहना का आभार मान्यवर नाहक जी"

Anil Kumar Singh replied Nov 28, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125

244 Nov 29, 2020
Reply by सालिक गणवीर

"बहुत बहुत धन्यवाद मान्यवर "

Anil Kumar Singh replied Nov 28, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125

244 Nov 29, 2020
Reply by सालिक गणवीर

"बहुत बहुत धन्यवाद मान्यवर "

Anil Kumar Singh replied Nov 28, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125

244 Nov 29, 2020
Reply by सालिक गणवीर

"बहुत बहुत धन्यवाद मान्यवर "

Anil Kumar Singh replied Nov 28, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125

244 Nov 29, 2020
Reply by सालिक गणवीर

"बहुत बहुत धन्यवाद मान्यवर "

Anil Kumar Singh replied Nov 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125

244 Nov 29, 2020
Reply by सालिक गणवीर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service