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अरुण कुमार निगम's Discussions (3,693)

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"रोशनी बाँट रही , देखिए "सूरज" की गज़ल ये सियाह रात को भी जगर मगर करती है | "

अरुण कुमार निगम replied Dec 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"चोट गहरी है जुबां दिल हैं दोनों सदमे में बात अपनों की तो ज्यादा ही असर करती है | शा…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"मर्म को छूती हुई नायाब और शानदार गज़ल."

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"बातों - बातों  में  बात  दूर तलक ले आए सच कहा बात तो जेहन में असर करती हैं. फिर बतंग…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"यूँ तो तस्वीर बनाना सभी को आता है रंग भरने का मगर काम उमर करती है || शानदार गज़ल , द…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"माँ के विविध रूप दर्शाती , ममता की महक बिखेरती पावन गज़ल........."

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"ज़िंदगी के फलसफे को इतनी सादगी  से कहना किसी फन से कम नहीं. भाई साहब बधाई हो.........…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"जीवन के सात रंगों को समेटे बेहतरीन गज़ल........."

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"सामयिक परिदृश्य के मार्मिक रंग और जायज आक्रोश को प्रकट करती सार्थक गज़ल."

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

"हम जैसे सामान्य पाठक की भी यही अपेक्षा है."

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक ३०

386 Dec 30, 2012
Reply by UMASHANKER MISHRA

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"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
2 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
12 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
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