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वीनस केसरी's Discussions (2,462)

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"राणा जी आपने पोस्ट के लिए जो मेहनत की है वह खुद अपनी कहानी कह रही है इस सुन्दर संकलन…"

वीनस केसरी replied Jan 1, 2012 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा १८-सभी प्रविष्टियाँ एक साथ

17 Apr 25, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"वाह आपका यह शेर तो आपकी ग़ज़ल को और खूबसूरती प्रदान कर रहा है आपके पास नया तेवर है  नय…"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"मित्र अरुण जी, आपको पढता रहता हूँ और मैं भी आपकी इस ग़ज़ल से विशेष प्रभावित हुआ हूँ आप…"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"सुन्दर प्रयास है शिल्प को निभाएं, खूबसूरती बढ़ेगी"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"अतेन्द्र जी दिल खुश कर दिया सबसे पहले तो आपको ढेरो बधाई कि आपकी पूरी ग़ज़ल बह्र में ह…"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"नुमायाँ एक दिन होंगे तेरे सब राज़ लोगों में, निग़ाहें लुत्फ़ ना कोई लगाएगा न सीने से…"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"मित्र,सुन्दर ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार करें अमीरों में है जो फैशन गरीबों की वो मजबूरी…"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"बहारों की जरूरत क्या , जो खुद लाता बहारें हैं जहाँ जाता वहां आती है खुशबू भीने भीने…"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"लगाये सागर-ओ-मीना को क्यों बैठे हो सीने से, अगर जीने की हसरत है करो परहेज़ पीने से.य…"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

" धुंआ बन बन के उठते हैं हमारे ख्वाब सीने से परेशान हो गए ऐ ज़िन्दगी घुट घुट के जीने …"

वीनस केसरी replied Dec 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

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"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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