For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Manan Kumar singh's Discussions (1,930)

Discussions Replied To (1892) Replies Latest Activity

"घाव ऐसा दे गया वह जो दिखा भी न सकूँ दर्द हासिल जो हुआ है,वो छिपा भी न सकूँ।1 खूब सू…"

Manan Kumar singh replied Sep 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87

581 Sep 23, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

प्रधान संपादक

"संकलन में स्थान देने के लिए आभारी हूँ आदरणीय योगराज जी।"

Manan Kumar singh replied Sep 16, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ

30 Sep 25, 2017
Reply by Nita Kasar

"सादर शुक्रिया,आदरणीय।"

Manan Kumar singh replied Sep 9, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर साहिब,शुक्रिया एवं नमन हाजिर हैं।वस्तुतः,मैं 'उन्माद' शब्द का इस्तेमाल कर…"

Manan Kumar singh replied Sep 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय अशोक जी,आपका आभारी हूँ।"

Manan Kumar singh replied Sep 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय ब्रजेन्द्र मिश्र जी,आपका शुक्रिया।"

Manan Kumar singh replied Sep 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ जी,शुक्रिया।"

Manan Kumar singh replied Sep 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय भाई लक्ष्मण जी,आपका आभारी हूँ।"

Manan Kumar singh replied Sep 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आभार आदरणीय आरिफ भाई।"

Manan Kumar singh replied Sep 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"22 22 22 22 हर दिल में फरियाद बहुत है मौसम में उन्माद बहुत है।1 बेबातों के तीर चलात…"

Manan Kumar singh replied Sep 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83

154 Sep 10, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
18 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
18 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
21 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service