For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भोजपुरी मेरे लिए कुछ कठिन है इसलिए कि मेरी भाषा कुछ ठेठ भोजपुरी से अलग है। जब से ओबीओ पर आया हूं कुछ इस भाषा से नजदीकी हुई है। आप सुधीजन इसे देखें और यह बताने का कष्ट करें कि इसमें क्या कमी रह गयी भाषा और शिल्प के स्तर पर, जिससे आगे सुधार कर सकूं।

छुट गयल बाबुल तोर अंगनवा 

छूटल आपन ई देस रे  

काहे का बिटिया भइल परायी  

काहे दीजो परदेस रे  

 

हम रहिन बाबुल बाग की चिरिया 

जो फुदक फुदक उड़ि जाय रे  

इत्ता नेहा रहिला रे माई  

कइसन दीहुल बिसराय रे 

माई क अंचरा भइल पराया 

मोहे मिला अब बिदेस रे

 

छूटत बा ई निमिया की डारी

झूला रहिल अब त सून हो

सब संगी साथी भइल पराए

अंखिया भइल अब सून हो

कासे कहब अब पीर रे माई

के कढ़िहै मोरा केस रे

 

भइया के माथे ताज सजा रे

बिटिया त पराई जात बा

ई कवन नियम रचा रे बिधाता

नइहर ई छूटत जात बा

अब त न जाने कौन जनम माई

देखब आपन ई देस रे

 

                - बृजेश नीरज

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 1390

Replies to This Discussion

बृजेश भाई, भोजपुरी गीत पर नीमन परयास बा, राउर भाषा भोजपुरी ना ह एहसे कही कही समस्या बा, वोकरा बावजुद रचना निकहा बन गईल बिया, मजगर बधाई हमरा ओर से । 

आदरणीय बागी जी आपका हार्दिक आभार! आगे अपने भाषायी स्तर को सुधारने का मेरा प्रयास रहेगा। भाषायी स्तर पर कहां गलती हुई यह भी इंगित कर सकें तो बड़ी कृपा होगी।

इस प्रस्तुति हेतु बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ.

आदरणीय श्याम जी आपका हार्दिक आभार!

बहुते भावुक आ मर्मस्पर्शी गीत होखेला बिदाई के गीत। ब्रिजेश भाई, राउर एह गीत में भाव के प्रचुरता बा, मर्म आ दर्द बा। मन भावुक हो गईल।

आदरणीय पाण्डेय जी ई प्रशंसा खातिर आप केर बहोत आभार! आपका ई गीत नी लागल हमार मिहनत सफल हुइ गयल।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
3 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
3 hours ago
Admin posted a discussion

अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....

प्रिय सदस्य गण / प्रबंधन समिति के सदस्य गण / ओ बी ओ के सभी पाठक एवं शुभचिंतक गणसादर प्रणामआप सभी…See More
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"हाड़-मॉंस स्ट्रेट (लघुकथा) : "नेता जी ये क्या हमें बदबूदार सॅंकरी गलियों वाली बस्ती के दौरे…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"सादर नमस्कार आदरणीय मंच। इंतज़ार है साथियों की सार्थक रचनाओं का, सहभागिता का। हम भी हैं कोशिश में।"
yesterday
Admin posted a discussion

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)

आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत…See More
Tuesday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"इल्म गिरवी है अभी अपनी जहालत के लिए ढूँढ लो क़ौम नयी अब तो बग़ावत के लिए अब अगर नाक कटानी ही है हज़रत…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर सुंदर गजल हुई है। गिरह भी खूब लगाई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"2122, 1122, 1122, 112/22 सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के…"
Apr 25
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सादर अभिवादन।"
Apr 25
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सर कोई जब न उठा सच की हिमायत के लिएकर्बला   साथ   चले   कौन …"
Apr 25

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service