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babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"जी बहुत-बहुत धन्यवाद, सर"
Monday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"आधुनिक तकनीकि शैली पर सुन्दर सृजन बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय "
Monday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"बिम्बात्मक शैली में सुन्दर सृजन... बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय। "
Monday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न स्थितियों का सटीक चित्रण... बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय "
Monday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94
"आपदा में अवसर घमासान बरसात ने सड़कों की चिकनाई धो दी।उत्थानपरक भराव उखड़कर बहते नाले के हवाले हो गया।अंधाधुंध बरसात से जगह-जगह पानी भर गया।कुछ दिनों के बाद सूरज दादा की धूप से सड़क किनारे गड्डे में दफन जड़ों से पौध अंकुरित होकर लहलहाने…"
Monday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-91 (विषय: कालचक्र)
"लौट आया बचपन... सेवानिवृत्त जीवन गुजारते  सेवकलाल रोजमर्रा की तरह कंपनी गार्डन में शाम को टहलते हुये थक गये तो  निराशमन से वही जमीन पर बैठ गये।अपने आप में खोये हुये सेवकलाल वास्तव में बूढ़ी हड्डियों से नहीं थके थे बल्कि अपने एकाकीपन…"
Oct 31, 2022
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-89 (विषय: बाज़ार)
"विषयाधारित सुन्दर रचना के लिए बधाई।"
Aug 31, 2022
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-89 (विषय: बाज़ार)
"संदेश परक सुन्दर रचना के लिए बधाई। "
Aug 31, 2022
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-89 (विषय: बाज़ार)
"कोरोना काल से बढ़ता ऑन लाईन शाॅपिंग का दौर... बहुत सुन्दर। बहुत-बहुत बधाई।  "
Aug 31, 2022
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-89 (विषय: बाज़ार)
"फलीभूत होती माॅल संस्कृति का बढ़िया चित्रण.. बहुत-बहुत बधाई, सर"
Aug 31, 2022
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-89 (विषय: बाज़ार)
"जी बहुत-बहुत धन्यवाद, सर।"
Aug 31, 2022
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-89 (विषय: बाज़ार)
"कृतार्थतामहिला दिवस पर समानता का अधिकार का नारा लगाते हुये आयोजन स्थल पर सब एकजुट होकर नारे की सार्थकता को सिद्ध कर रही महिलाओं में स्पष्ट दृष्टिगोचर हो रहा था कि हम बहू नहीं बहुमत हैं। दिवस पर जीवंत दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए सामूहिक तस्वीर…"
Aug 31, 2022
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on babitagupta's blog post प्रेमचंद जी के जन्मदिन पर लेख
"आ. बहन प्रतिभा जी, सादर अभिवादन। प्रेचन्द जी पर सारगर्भित लेख हुआ है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Aug 19, 2022
babitagupta posted a blog post

अनकंडीशनल दोस्ती

दोस्ती यानि जिंदगी....जिंदगी की नींव, खुशी, ख्वाब हैं और  ख्वाब की ताबीर भी...!दोस्ती वो ताकत होती हैं जो निराशा, हताशा, अवसाद के क्षणों में समझकर मानसिक शांति देता हैं।लेकिन यह भी सच हैं कि बुनियादी संस्कार व जीवन जीने का सलीका सिखाने वाले परिवार के अस्तित्व के बिना कल्पना नही की जा सकती।उन्मुक्त संसार में उम्मीदों की किरणें बिखेरने वाली दोस्ती और इच्छाओं को सम्मान देने वाले परिवार के मध्यस्थ महीन बाल बराबर अंतर होते हुये भी हर रिश्ते के अपने-अपने रंग होते हैं।   प्यार, स्नेह, सादगी, आत्मीयता…See More
Aug 7, 2022
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Jul 31, 2022
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सीड बम

पतझड़ का मौसम लगते ही बाग-बगीचों में जहां देखों वही पत्तों से जमीन ढक जाती हैं। गर्मियों की छुट्टियों में बिनी और पम्मी के घर उनकी बुआजी के बच्चे टिपलू और टीना आए हुये थे।दिनभर खेलकूद खाने-पीने की मस्ती चलती और सुबह-शाम को बगीचे मे दादी के साथ पौधो को पानी डालते। एकदिन शाम को रोजमर्रा की तरह पानी डालते बच्चों को दादाजी ने अपने पास बुलाया और क्यारियों में जमी खरपतबार को उखाड़कर एकतरफ ढेर लगाने को कहा और साथ में उग आए नीम, जामुन, पीपल, तुलसी बगेरह के पौधों को जड़ों सहित मिट्टी में बांधकर एकतरफ…See More
Jun 6, 2022

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Female
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chhattisgarh
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Bilaspur
Profession
Retired teacher
About me
Simplicity

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At 11:36pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीया बबिता गुप्ता जी बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का

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अनकंडीशनल दोस्ती







दोस्ती यानि जिंदगी....जिंदगी की नींव, खुशी, ख्वाब हैं और  ख्वाब की ताबीर भी...!दोस्ती वो ताकत होती हैं जो निराशा, हताशा, अवसाद के क्षणों में समझकर मानसिक शांति देता हैं।लेकिन यह भी सच हैं कि बुनियादी संस्कार व जीवन जीने का सलीका सिखाने वाले परिवार के अस्तित्व के बिना कल्पना नही की जा सकती।उन्मुक्त संसार में उम्मीदों की किरणें बिखेरने वाली दोस्ती और इच्छाओं को सम्मान देने वाले परिवार के मध्यस्थ महीन बाल बराबर अंतर होते हुये भी हर रिश्ते…

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Posted on August 7, 2022 at 10:21am

प्रेमचंद जी के जन्मदिन पर लेख

कालजयी प्रेमचंद जी......... 

विश्व साहित्य पटल पर हिन्दी साहित्य के महान कथा सम्राट,महान उपन्यासकार प्रेमचंद जी का उतना ही सम्मान किया जाता हैं जितना कि गोर्की और लू श्यून का.... इसके बाद रविन्द्रनाथ टैगोर जी को प्राप्त हुआ। आधुनिक हिन्दी साहित्य के जन्मदाता, शब्दों के जादूगर प्रेमचंदजी का लेखन पत्रकारिता और साहित्य के माध्यम से हिन्दी की सेवा में आज की मौजूदगी कराता हैं।अधोरात्र लिखने वाले प्रेमचंद जी को हिन्दी लेखकों की आर्थिक समस्याएँ उन्हें कचोटती थी। 'हिन्दी में आज हमें न पैसे…

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Posted on July 31, 2022 at 11:16am — 1 Comment

महामहिम द्रौपदी जी

सशक्तिकरण का मील का पत्थर 

जब देश आजादी का 75 वां अमृत महोत्सव मना रहा हैं तब 21जुलाई, 2022 का दिन भारत के इतिहास में लिखा जाने वाला गौरवान्वित करने वाला ऐतिहासिक दिन… नवभारत की भावना को अभिव्यक्त करने के साथ स्पष्ट संदेश प्रेषित होता हैं कि तुष्टीकरण की बजाय सामाजिक परिवर्तन के सूत्रधार को प्राथमिकता प्राप्त हुई।वैचारिक जड़ता को मिटाने वाला  सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बड़ा कदम साबित हुआ।जमीनी स्तर के लोगों को…

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Posted on July 28, 2022 at 7:08pm

सीड बम

पतझड़ का मौसम लगते ही बाग-बगीचों में जहां देखों वही पत्तों से जमीन ढक जाती हैं।

गर्मियों की छुट्टियों में बिनी और पम्मी के घर उनकी बुआजी के बच्चे टिपलू और टीना आए हुये थे।दिनभर खेलकूद खाने-पीने की मस्ती चलती और सुबह-शाम को बगीचे मे दादी के साथ पौधो को पानी डालते।

एकदिन शाम को रोजमर्रा की तरह पानी डालते बच्चों को दादाजी ने अपने पास बुलाया और क्यारियों में जमी खरपतबार को उखाड़कर एकतरफ ढेर लगाने को कहा और साथ में उग आए नीम, जामुन, पीपल, तुलसी बगेरह के पौधों को जड़ों सहित मिट्टी में…

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Posted on June 6, 2022 at 9:30am

 
 
 

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