For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आपका हक़ - डॉo विजय शंकर

क्या कहा ,
आपका हक़ आपको
दिया नहीं गया ?
क्योंकि हक़ आपका आपसे
हाथ जोड़ के माँगा नहीं गया।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 76

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:36pm
आदरणीय गिरिराज भंडारी जी , आपका ह्रदय से आभार एवं धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:35pm
आदरणीय सुरेंद्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप जी ,किसी भी रचना पर आपकी उपस्थित से अच्छा लगता है , आपको ह्रदय से धन्यवाद , आपका आभार है , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:31pm
आदरणीय विजय निकोर जी , आप कैसे हैं ? किसी भी रचना पर आपकी उपस्थित एक सुकून देती है , अच्छा लगता है , आपको ह्रदय से धन्यवाद , आपका आभार है , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:24pm
आदरणीय रामबली जी , आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति के लिए ह्रदय से आभार और धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:24pm
आदरणीय सुश्री नीता कसर जी , आपको रचना अच्छी लगी , आपका आभार एवं धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:24pm
आदरणीय शेख़ शहज़ाद उस्मानी जी , रचना पर आपकी उपस्थिति और रचना मान देने के लिए ह्रदय से आपका आभार एवं धन्यवाद , सादर.
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:17pm
आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी , रचना पर आपकी उपस्थिति और उसे मान देने के लिए ह्रदय से आपका आभार एवं धन्यवाद , सादर .
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 27, 2017 at 8:17pm
आदरणीय समर कबीर साहब, नमस्कार , पिछले कई महीने कोस्टा रीका में रहना हुआ , वहां नेट की प्रॉब्लम रहती है , लिखने और पोस्ट करने का मजा ही चला जाता है , अतः कुछ लेखन हो नहीं पाया , फिर घूमें फायर भी बहुत , कभी उस पर भी लिखेंगे। आपकी परख को सलाम। एक शब्द भी हो तो छू लेते हैं , पंकियाँ तो आपकी पकड़ में ही अपना मूल्यांकन पाती हैं। किसी भी रचना पर आपकी उपास्थिति स्वयं में उसकी स्वीकृति का प्रमाण होती है। इस रचना को इतना उच्च मान देने के लिए आपका ह्रदय से बहुत बहुत आभार और धन्यवाद , सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 27, 2017 at 11:26am

बहुत खूब , आदरणीय हार्दिक बधाई आपको ।

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on September 27, 2017 at 8:26am
आद0 डॉ विजय शंकर जी सादर अभिवादन, कम शब्दों में बहुत अच्छी अभिव्यक्ति। बधाई स्वीकार करें। सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post मेरा हमदम है तो हर ग़म से बचाने आए - सलीम रज़ा रीवा
"सुंदर गजल हुई है आदरणीय हार्दिक बधाई ।"
29 minutes ago
Rakshita Singh commented on Rakshita Singh's blog post तुम्हारे इश्क ने मुझको क्या क्या बना दिया ...
"आदरणीय बृजेश कुमार जी बहुत बहुत धन्यबाद।"
6 hours ago
Rakshita Singh commented on नादिर ख़ान's blog post सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते
"आदरणीय नादिर जी, बहुत ही उम्दा गजल।मुबारकबाद कुबूल करें।"
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Rakshita Singh's blog post तुम्हारे इश्क ने मुझको क्या क्या बना दिया ...
"रुमानियत को समेटे हुए सुन्दर रचना..."
6 hours ago
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता
"हृदय से आभार आदरणीय बृजेश कुमार जी"
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on रामबली गुप्ता's blog post गीत-भावना में प्रेम का रस घोल प्यारे-रामबली गुप्ता
"अनुपम सरस रचना हुई आदरणीय..सादर"
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"क्या कहने आदरणीय दुबे जी ..बहुत ही सुन्दर गीतिका कही.."
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post वर्ना खुलता ही कहाँ ये मनस-पट------ग़ज़ल
"अच्छी ग़ज़ल कही आदरणीय पंकज जी...सादर"
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Anita Maurya's blog post बोल देती है बेज़ुबानी भी
"बहुतखूब आदरणीया अनीता जी खूबसूरत मापनी पे बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही..सादर"
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post तुम्हारी कसम....
"वाह आदरणीय सुशील बहुतखूब लिखा..और आदरणीय आरिफ जी ने खूब लिखा..वाह"
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"एक और खूबसूरत ग़ज़ल आदरणीय..बहुतखूब"
6 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post चश्मा उतार करके वफाओं को देखिए
"खूब ग़ज़ल हुई आदरणीय त्रिपाठी जी.."
6 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service