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llमुहब्बत लिख देंगेll

मात्रा बह्र 

2 2 /  22 / 22 / 22 / 22 / 2

सोचा हमने तुमको इक ख़त लिख देंगे।
और तुम्हारी एक शिकायत लिख देंगे।।

ये जंग न हो दुनियाँ में मेरे मौला ।
दुनिया भर के नाम इबारत लिख देंगे।।

कर सकते हो हर एक खता दुनिया में। 
हम ये तेरे नाम इजाजत लिख देंगे।।

मिलते मिलते बिछड़ा है वो भी मुझसे।
करता मेरा यार सियासत लिख देंगे।।

इक दिन मिट जायेगा पूरा ये ज़माना।
होगी जो मातम की सूरत लिख देंगे।।

दिल से तेरी यादे जाती ही कब है।
बनती जाती मेरी फितरत लिख देंगे।। 

दिल तोडा था "केतन" का जिसने यारो ।
हम उनके ही नाम मुहब्बत लिख देंगे।।

"मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment

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Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on July 19, 2013 at 5:09pm

""ये जंग न हो दुनियाँ में  मेरे मौला ।
दुनिया के ही नाम इबारत लिख देंगे।।...वाह ! बहुत खूब..शानदार शेअर , आदरणीय केतन जी..दिल से दाद कुबूल कीजिये

Comment by Ketan Parmar on July 19, 2013 at 4:54pm

Aapka Sukriyaa Geetikaa ji Ye Ghazal Islaah ke liye upload ki hai maine yaha par aap sabhi mitro se guzarish hogi ke kuchh khamiyaa bhi nikale mujhe khushi hogi

Comment by वेदिका on July 19, 2013 at 4:09pm

कर सकते हो हर एक खता दुनिया में। 
हम ये तेरे नाम इजाजत लिख देंगे।।,,, खास पसंद आया ये शेर !!

सुंदर गज़ल!! 

Comment by Shyam Narain Verma on July 19, 2013 at 3:22pm

बहुत खूब  ...................

Comment by Ketan Parmar on July 19, 2013 at 12:56pm

परवीन साहिबा, बसंत जी आपका आभार
मगर अभी काफी कुछ सीखना है बाकी 
कृपया कुछ गलतिया हो तोह जरूर दर्शाए मुझे ख़ुशी होगी

Comment by बसंत नेमा on July 19, 2013 at 10:30am

बहुत खूब  आ0 केतन जी ... सुन्दर अति सुन्दर 

Comment by Parveen Malik on July 19, 2013 at 8:47am
कर सकते हो हर एक खता दुनिया में। 
हम ये तेरे नाम इजाजत लिख देंगे।
बहुत बढिया..... बधाई...

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