For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं..

121-22-121-22

नये ज़माने का खून हूँ मैं।।

पुराने स्वेटर का ऊन हूँ मैं।।

मुझे न पढ़ना न पढ़ सकोगे।

मैं अहदे उल्फ़त* जुनून हूँ मैं। time of love

अजब! सिफारिश मेरी करोगे।

अभी भी शक है कि कौन हूं मैं।।

करोगे क्या मेरे ज़ख्म सी कर।

यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं।।

मकान मेरा नहीं है गुम सा।

पुराने घर से दरून* हूँ मैं।। (दिल,मध्य कोर)

के हिज्र हो या विसाल तेरा।

हूँ दोनों शय में ,सुकून हूँ मैं।।

आमोद बिन्दौरी / मौलिक अप्रकाशित

Views: 178

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on February 15, 2019 at 9:18pm

//कौन * जी ये काफ़िया गलत है । इसपर जानकारी चाहिए थी //

इस पर क्या जानकारी चाहिए?

//क्या किसी शब्द का एक मिसरे दो बार आना दोष पूर्ण होता है//

किसी शब्द का एक मिसरे में दो बार आना,दोष भी है,और हुनर भी है,आपके मिसरे में ये उचित नहीं है ।

'मैं अहदे उल्फ़त* जुनून हूँ मैं'

इस मिसरे में पहले 'मैं' की जगह "ऐ" कर सकते हैं ।

Comment by amod shrivastav (bindouri) on February 15, 2019 at 5:00pm
आ समर दादा नमन
दादा क्या किसी शब्द का एक मिसरे दो बार आना दोष पूर्ण होता है ।
वो मिसरा दो भाग में बट रहा था मुझे ठीक लगा इसलिए मैं से मैं में ख़त्म किया ।
कौन * जी ये काफ़िया गलत है । इसपर जानकारी चाहिए थी ।
Comment by Samar kabeer on February 15, 2019 at 4:17pm

जनाब आमोद बिंदौरी जी आदाब,ग़ज़ल अभी समय चाहती है,बहरहाल बधाई स्वीकार करें ।

दूसरे शैर के सानी में दो बार "मैं"?

'अभी भी शक है कि कौन हूं मैं'

इस मिसरे में क़ाफ़िया दोष है ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

सालिक गणवीर posted a blog post

ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)

(2122 1212 22)शह्र में फ़िर बवाल है बाबा ये नया द्रोहकाल है बाबाएक तालाब अब नहीं दिखता क्या यही…See More
7 minutes ago
Rupam kumar -'मीत' posted blog posts
8 minutes ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post आज कल झूठ बोलता हूँ मैं
" सालिक गणवीर सर ये तो आपकी कृपा है जो मुझे इस मंच के बारे में बताया, अपने ही लिंक दी…"
43 minutes ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post करता रहा था जानवर रखवाली रातभर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी, आदाब। जी आपने ठीक कहा है कि इंगित मिसरा बह्र में है। गणना…"
55 minutes ago
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"बढिया कथा हुई हैं या.Mohan Begowal जी ओर आ. सर ने कथा में ओर निखार ला दिया हैं।आपको हार्दिक…"
1 hour ago
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
" कथा को अमूल्य समय देने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद आ. Sheikh Sahjad Usmani जी "
2 hours ago
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आ.लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी, आपका हार्दिक धन्यवाद"
2 hours ago
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"  कथा पर अमूल्य समय देने के लिए हार्दिक धन्यवाद आ. Tejveer singh जी "
2 hours ago
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"सही कहा आपने ,ये रिश्ते जिस पर आधारित हैं अब वो बिखर रहा हैं।रिश्तों की गरिमा भूल हम दैहिक आकर्षण…"
2 hours ago
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"क्षमा चाहती हूं आ. सर। पढ़ तो कल ही लिया था परंतु जवाब नही दे पाई थी।इतने उम्दा मार्गदर्शन के लिए…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आ.भाई मनन जी , बेहतरीन कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आ. नमिता जी , अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
3 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service