For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ज़िन्दगी जो भी तेरे अहकाम रहे
..वो सब के सब मिरे मुक़ाम रहे |

अय्यार कम नहीं हर बशर-ए-मौजूदा
पर तेरी जिद के आगे सब नाकाम रहे |

हर रास्ता खत्म था इक दोराहे पर..
क्या कहें किस तलातुम बेआराम रहे |

रंग-ए-खूं की खबर हर सम्त थी फैली
हम फिर भी गफ़लत में सुबहोशाम रहे |

इक मौत ही है जो बेख़ौफ़ तुझसे
वरना जो लड़े गुजरे अय्याम रहे |

हर शख्स ख्वाहिशमंद है केवल इतना
कुछ न हो बस वो चर्चा-ए-आम रहे |

सतर ना छुप सकेगी फ़ाजिर अब तेरी
बस इक कलम और मिरा क़लाम रहे |


(अहकाम=आदेश; मिरे=मेरे; मुक़ाम=लक्ष्य,मंजिल; अय्यार=चालाक; बशर-ए-मौजूदा=आजकल का इंसान; तलातुम=बेचैनी; रंग-ए-खूं=व्यवहार,स्वभाव; सम्त=ओर,तरफ; गफ़लत=भूल,गलती; अय्याम=ज़माना,वक़्त; सतर छुपाना=नग्नता छुपाना; फ़ाजिर=व्यभिचारी,दुराचारी; क़लाम=रचना)

Views: 481

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by विवेक मिश्र on July 11, 2010 at 12:46am
@ हाँ गणेश भाई. सही कहा आपने. धन्यवाद..
@ धन्यवाद राणा जी..

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on July 10, 2010 at 12:41am
बस इक कलम और मिरा क़लाम रहे..........क्या बात है विवेक भाई .बेहद उम्दा.वाह!!! वाह!!!!!!

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on July 10, 2010 at 12:29am
वाह विवेक भाई वाह, ये ग़ज़ल काफी अच्छी बनी है, लग रहा है संपादक जी कुछ गुरु मंत्र आप को दे दिये है, हा हा हा हा , अच्छी रचना के लिये बधाई स्वीकार करे , धन्यवाद ,
Comment by विवेक मिश्र on July 9, 2010 at 6:09pm
@ गुरु जी और अमरेन्द्र जी- आपकी टिप्पणियों के लिए सहृदय धन्यवाद..
@ प्रभाकर सर- यूँ ही आपके सुझाव मिलते रहेंगे तो गलतियां सुधरती रहेंगी. बहुत-२ धन्यवाद..

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on July 9, 2010 at 4:21pm
विवेक भाई,
//क्या कहें किस तलातुम में बेआराम रहे |//
"तलातुम+में" ?????????
ज़रा ध्यान दीजिये इस पर - मैंने इशारा दे दिया है !
Comment by Rash Bihari Ravi on July 9, 2010 at 4:03pm
bahut badhia lajabab

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Mar 14
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Mar 13

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service