For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल ;रिश्तों में जो थीं.. /श्री सुनील

2212 2122 2212

रिश्तों में जो थी दरारें, भरने लगीं
पहले सा मैं, आप तब सी लगने लगीं.

चुप्पी सी थी इक ख़ला सा था बीच में
उम्मीद की वां शुआऐं दिखने लगीं.

अब ये जहाँ तेरी ज़़द में लगता है, लो!
आँचल में तेरे फ़िज़ाऐं छुपने लगीं.

जब फ़ासलों में पड़ीं थोड़ी सिलबटें
ये क़ुर्बतें अपनी सब को खलने लगीं.

तू मेरी होगी, यकीं ये था क्योंकि इन
हाँथो में तुम सी लकीरें बनने लगीं.

किस जज्बे से तुम दुआएं करती हो वां
पहलू से अब यां बलायेें टलने लगीं.


मौलिक व अप्रकाशित

Views: 850

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by shree suneel on June 10, 2015 at 11:05pm
ग़ज़ल की सराहना के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय गोपाल नारायण सर.
Comment by shree suneel on June 10, 2015 at 11:04pm
ग़ज़ल में शिर्कत के लिए शुक्रिया आदरणीय समर कबीर सर.
Comment by सुनील प्रसाद(शाहाबादी) on June 10, 2015 at 5:05pm
सुन्दर ग़ज़ल सधे विचारों को उद्धरित किया है आदरणीय जिसके लिये दिली दाद कुबूल करें लेकिन जहाँ तहाँ मात्रा पतन हुआ है। मापनी की दृष्टि से ।
Comment by Rahul Dangi Panchal on June 10, 2015 at 5:01pm
बहुत सुन्दर
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on June 9, 2015 at 11:14am

बहुत उम्दा सुनील जी

किस जज्बे से तुम दुआएं करती हो वां
पहलू से अब यां बलायेें टलने लगीं.

Comment by Samar kabeer on June 9, 2015 at 10:41am
जनाब श्री सुनील जी,आदाब,सुन्दर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।
Comment by shree suneel on June 9, 2015 at 9:58am
सराहना के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय मोहन सेठी जी.
Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on June 9, 2015 at 7:53am

वाह ....

रिश्तों में जो थी दरारें, भरने लगीं
पहले सा मैं, आप तब सी लगने लगीं.

बढ़िया शेर हुए हैं ...बधाई  

Comment by shree suneel on June 8, 2015 at 10:33pm
ग़ज़ल पसंदगी के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय महर्षि त्रिपाठी जी.
Comment by shree suneel on June 8, 2015 at 10:31pm
धन्यवाद आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"लगभग 90 हजार प्रति वर्ष"
8 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर नमस्कार और आदाब सम्मानित मंच। ओबीओ के वाट्सएप समूह से इस दुखद सूचना और यथोचित चर्चा की जानकारी…"
9 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय, ओ.बी.ओ. को बंद करने का निर्णय दुखद होने के साथ साथ संचालक मण्डल की मानसिक पराजय, थकान आदि…"
14 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
Sunday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service