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एक ग़ज़ल आपके हवाले

उल्टा सीधा बोल रही है दुनिया मेरे बारे में,
अखबारों ने छापा क्या कुछ, पढना मेरे बारे में.  
.

इस दुनिया में मिल न सकेंगे अगली बार मिलेंगे हम,
अर्श को जो भी अर्ज़ी भेजो, लिखना मेरे बारे में.
.

उनकी ज़ात से वाक़िफ़ हूँ, वो बाज़ नहीं आने वाले,
सर पर लेकर घूम रहे हैं फ़ित्ना मेरे बारे में.     
.

अपने दिल में एक दीया तुम मेरे नाम जला रखना, 
आँधी जाने सोच रही है क्या क्या मेरे बारे में.
.

मज्लिस से बाहर कर बैठे, उनकी जान में जाँ आई,
लेकिन अब भी सब करते हैं चर्चा मेरे बारे में.  
.

तुमको मैंने कब तुम माना, तुम थे मेरा असली “मैं”,
झूठ कहा था तुमने मुझसे कितना मेरे बारे में.  
.

सतरंगी से ताने बाने, रब्त बुने कुछ मैंने भी,
उसने भी क्या डाल रखा था करघा मेरे बारे में.
.

जोड़ा ‘नूर’ के हर्फ़ों को तो मेरा अक्स उभर आया,
इतना कैसे जान गया वो पगला मेरे बारे में.
.
निलेश "नूर"
मौलिक व् अप्रकाशित 

Views: 745

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Comment by Nilesh Shevgaonkar on April 23, 2015 at 3:23pm

:)


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 23, 2015 at 3:08pm

तब इन बागान में गुलमोहरों के साये थे
मिलेगी शाख पुरानी.. टहल के देखते हैं..

बात  इतनी सी है.. :-)) ..

Comment by Nilesh Shevgaonkar on April 23, 2015 at 2:42pm

शुक्रिया आ. सौरभ सर.
आज लगता है आप कोई दफ्न शह्र ज़िन्दा कर के ही मानेंगे. 
बहुत बहुत आभार 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 23, 2015 at 2:33pm

उनकी ज़ात से वाक़िफ़ हूँ, वो बाज़ नहीं आने वाले,
सर पर लेकर घूम रहे हैं फ़ित्ना मेरे बारे में.  ..............    वाह !

अपने दिल में एक दीया तुम मेरे नाम जला रखना,
आँधी जाने सोच रही है क्या क्या मेरे बारे में....................... बहुत खूब !

मज्लिस से बाहर कर बैठे, उनकी जान में जाँ आई,
लेकिन अब भी सब करते हैं चर्चा मेरे बारे में. ....................... कौन न करे ?!!! .. :-))

तुमको मैंने कब तुम माना, तुम थे मेरा असली “मैं”,
झूठ कहा था तुमने मुझसे कितना मेरे बारे में.......................... वाह !

जोड़ा ‘नूर’ के हर्फ़ों को तो मेरा अक्स उभर आया,
इतना कैसे जान गया वो पगला मेरे बारे में. ...............................ज़वाब नहीं !!

दिल से दाद लीजिये, आदरणीय.

Comment by Nilesh Shevgaonkar on October 25, 2014 at 7:32pm

शुक्रिया आलोक भाई 

Comment by Nilesh Shevgaonkar on October 25, 2014 at 7:32pm

शुक्रिया डॉ. साहब 

Comment by Nilesh Shevgaonkar on October 25, 2014 at 7:32pm

शुक्रिया जितेन्द्र जी 

Comment by Nilesh Shevgaonkar on October 25, 2014 at 7:32pm

शुक्रिया सोमेश जी 

Comment by Nilesh Shevgaonkar on October 25, 2014 at 7:31pm

शुक्रिया आदित्य जी 

Comment by Alok Mittal on October 24, 2014 at 2:01pm

वाह वाह शानदार

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