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देखा है जब से तेरी तस्‍वीर को सनम

आँखो मे मेरे बस गइ खा के कहूँ कसम

कैसा है तुमसे रिश्‍ता हमको नही पता

पर बात अपने दिल की मैं तुमको दूँ बता

जैसे है तेरे साथ रिश्‍ता मेरा अहम

आँखो मे मेरे बस गइ खा के कहूँ कसम

देखा है जब से तेरी तस्‍वीर को सनम

देखा था मैनें सपना एक रात क्‍या कहूँ

आँखो से छलकते अश्‍कों के साथ मैं बहूँ

ये बात मेरी ऐसी नहीं हो तुझे हजम

आँखो मे मेरे बस गइ खा के कहूँ कसम

देखा है जब से तेरी तस्‍वीर को सनम

आ कर तुम बैठो मेरे पास मेरे यार

रहूँ देखता मैं तुझको करता रहूँ प्‍यार

करते है तुमसे प्‍यार या है मेरा वहम

आँखो मे मेरे बस गइ खा के कहूँ कसम

देखा है जब से तेरी तस्‍वीर को सनम

मौलिक एवं अप्रकाशित अखंड गहमरी

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Comment by Akhand Gahmari on April 1, 2014 at 11:19pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीय savitamishra जी

Comment by Akhand Gahmari on April 1, 2014 at 11:18pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीय savitamishra जी

Comment by Akhand Gahmari on April 1, 2014 at 11:18pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीय Saurabh Pandey जी


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 26, 2014 at 11:51am

एक बढिया और तार्किक प्रयास के लिए बधाई, भाई.  सफ़र लम्बा है तो क्या शुुरु तो हो ही गया है.

शुभ-शुभ

Comment by savitamishra on March 7, 2014 at 8:41pm

बहुत ही  सुंदर रचना

Comment by Akhand Gahmari on March 6, 2014 at 10:47pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीया सरिता जी

Comment by Akhand Gahmari on March 6, 2014 at 10:47pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीया मीना पाटकर जी

Comment by Akhand Gahmari on March 6, 2014 at 10:46pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीया अन्‍पूर्ण वाजपेयी जी

Comment by Akhand Gahmari on March 6, 2014 at 10:45pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीय अखिलेश श्रीवास्‍तव जी

Comment by Akhand Gahmari on March 6, 2014 at 10:45pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीय मनोज कुमार मंयक जी

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