For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बहर ... २२२ २२२ २२ 

वो जब से सरकार हुए हैं

सब कितने लाचार हुए हैं

जन सेवा अब नाम ठगी का

सपनोँ के व्यापार हुए हैं

धोखे देते बन के साधू

ऐसे ठेकेदार हुए हैं

मज़हब के भी नाम पे देखो

कितने अत्याचार हुए हैं

जो थे अब तक झुक कर चलते

वो अबकी खुददार हुए हैं

 

मौलिक  एवं अप्रकाशित 

Views: 996

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:46pm

आदरणीय आशीष जी .. .बहुत ही खुबसूरत तरीके से आपने हौसलाफजाई की है :)) इसके लिए ह्रदयतल  से आभारी हूँ ..आपको गज़ल पसंद आया .जानकार  बहुत ख़ुशी हुयी .. सादर

Comment by आशीष नैथानी 'सलिल' on December 26, 2013 at 8:37pm

ताज़ा हालात बयां करती बढ़िया ग़ज़ल महिमा जी |

अशआर सभी दमदार हुए हैं
'आप' गजब ही फनकार हुए हैं | :))

बधाई !!

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:28pm

आदरणीय श्याम नारायण जी.. आपका हार्दिक आभार

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:27pm

आदरणीय अभिनव जी .ये आपकी सह्रदयता है ..जो मेरी कोशिश को आपने  इतना  आशीर्वाद दिया है  .. आपके जैसे अनुभवी  और  गज़ल के धनी जानकार  से इतना सारा प्रोत्साहन पाकर मन प्रफुल्लित है .. आपको भी नव वर्ष की ढेर सारी बधाई और शुभकामनायें .. उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार .. सादर

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:21pm

आदरणीय जितेन्द्र जी .. बहुत -२ हार्दिक  आभार .. सादर

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:18pm

आदरणीय धामी जी आपको गज़ल अच्छी लगी इसके लिए ..बहुत-२  आभार..सहयोग बना रहे.. सादर

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:16pm

आदरणीय अजय शर्मा जी .. बिलकुल सही फ़रमाया ... वैसा भी हो सकता है ... मैंने "अबकी" जानबुझ कर लिखा है ..आपका बहुत -२ शुक्रिया.. सादर

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:11pm

आदरणीय शिज्जू जी .. आपके उत्साहवर्धन करते टिप्पणी के लिए ह्रदयतल से आभारी हूँ  .. सादर

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:08pm

आदरणीया कुंती जी ... आपको प्रस्तुती अच्छी लगी इसके लिए ह्रदय तल से आभार .. सादर

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 8:06pm

आदरणीय गिरिराज जी .. पसंद और प्रोत्साहन के लिए   आपका बहुत - २ शुक्रिया ..सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Friday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service