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अपनी क्रिकेट टीम के क्या कहने क्या ठाट

सचिन विरासत दे गए रोहित शिखर विराट /


सचिन आम इन्सान से, बने आज भगवान
तुम हो भारत देश की, आन बान औ' शान /

बोल खेल को अलविदा,चौबीस साल बाद
पाए आशीर्वाद हैं , सदा रहो आबाद /


पाकर भारत रत्न को, तूने पाया मान
आज सलाम तुझे करें,क्रिकेटर तू महान /


विश्वभर के क्रिकेट का, सचिन है धूमकेतु
पीढ़ियों को जोड़ सचिन बना मजबूत सेतु /


एक दिवसीय मैच में ,दोहरा शतक ठोक
विपक्षी हर जुबान पे,सचिन लगाई रोक  /


दीवाना वो देश का ,लिए इरादे नेक
बड़े हों गेंदबाज तो भी घुटने दें टेक /

ब्लास्टर कोई कहे ,कहीं कहें भगवान
सच्चा सौदा है किया,बने नेक इन्सान/

................................................

..........मौलिक व अप्रकाशित............

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Comment

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Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 8:21pm

आदरणीय संदीप जी हार्दिक आभार 

आपने सही कहा सचिन भारत के लिए खुद एक अवार्ड हैं ,सादर 

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 8:20pm

अरुण शुक्रिया ,स्नेह बनाए रखें 

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 8:19pm

आदरणीय निलेश जी हार्दिक आभार आपको दोहावली पसंद आई 

और यह भी पता चला आज तक किसी ने खिलाड़ी पर दोहावली नहीं लिखी 

तो निश्चित ही सचिन को समर्पित दोहावली में सुधार करती हूँ

आशीर्वाद बनाए रखें |  

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 8:07pm

आदरणीया राजेश दी 

आपने जो गल्तिओं को बताया उनको सुधार लेती हूँ ,शुक्रिया ....

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 8:02pm

आदरणीय डॉ गोपाल जी हार्दिक आभार मार्गदर्शन करते रहें 

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 7:53pm

आदरणीय गणेश जी इसे अभी सुधार लेती हूँ | शुक्रिया आपने खामियों को इंगित किया , मार्गदर्शन करते रहें |

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 7:51pm

आदरणीय नीरज मिश्रा जी मैंने सचिन पर आई लोगों की प्रतिक्रियाओं को दोहा रूप दिया ,खिलाड़ी उससे प्रेरणा ले उसको भगवान मानते हैं तो क्या हर्ज है ,मैं नहीं मानती आप भी मत मानिये |

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 7:47pm

आदरणीय अखंड जी 

आपने जो भी कहा भारत रत्न के नियमों के अनुसार हमें बताया 

बाकी सचिन को भारत रत्न मिलना या न मिलना सबकी निजी राय है 

मेरा अपना मानना है कि अगर हम इस मुद्दे को अलग रख किसी भी व्यक्ति विशेष में कुछ अच्छे पहलुओं पर नजर डालें तो अच्छा रहेगा बस उसके खेल के प्रति योगदान को मैं लिखूं ऐसी प्रेरणा मुझे मिली |

आपका बहुत आभार आपने मेरी रचना को पढने का समय निकाला 

Comment by Sarita Bhatia on November 21, 2013 at 7:39pm

आदरणीया गीतिका जी शुक्रिया आपको दोहे पसंद आए 

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on November 21, 2013 at 3:28pm

कोई कुछ भी कहे आदरणीय सत्य तो यही है के कभी न कभी हर किसी ने सचिन की वाहवाही जरुर की होगी

अब वो चाहे कुछ भी कह रहा हो

वो इसके हकदार हैं

उन्हें कोई अवार्ड की जरुरत कहाँ हैं वो खुद अवार्ड हैं ...................जय हो सुन्दर प्रस्तुति बधाई

मात्रिक दोष आप सुधार लेंगी ये आशा है

कृपया ध्यान दे...

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