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भारत है मेरा देश

भारत है मेरा देश इस पे  जान मैं दूंगा|

हुवा जो इसपे वार सीना तान मैं दूंगा||

 

खाया है इसका अन्न फिर हक भी हम देंगे|

इसकी बचाने लाज को हम जान भी देंगे||

 

आया जो शत्रु सामने उसे चीर हम देंगे|

यही मुल्क है हमारा ये पहचान हम देंगे||

 

ये हिन्द वतन मेरा मैं हूँ हिन्द का वासी|

है उर्दू मेरे दिल में और मैं हिंदी का भाषी||

 

ओ अम्न के दुश्मन अरे गद्दार तू सुन ले|

कहता जो खुद को पाक ओ नापाक तू सुन ले||

 

ये धरती हमारी इसे नापाक न करना|

आतंक की तू अपनी कोई चल न चलना||

 

तू देखता जो ख्वाब सच वो ख्वाब न होगा|

बनाया  एक  बांग्ला  अब  दूजा  भी  होगा||

 

गर ठान ली जो हमने तुझे जीने नही देंगे|

तुझे विश्व के नक़्शे में भी हम रहने न देंगे||

 

 

   मौलिक व् अप्रकाशित

   हरीश उप्रेती "करन"

 

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Comment

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Comment by Harish Upreti "Karan" on July 4, 2013 at 2:57pm

धन्यवाद आदरणीय वीनस केसरी जी..........

Comment by वीनस केसरी on July 3, 2013 at 11:14pm

वाह !!!

सुन्दर भावाभिव्यक्ति

Comment by Harish Upreti "Karan" on July 3, 2013 at 10:26pm

धन्यवाद आदरणीय ब्रजेश जी...

Comment by बृजेश नीरज on July 3, 2013 at 9:40pm

अच्छी कविता है आदरणीय! बहुत बधाई!

Comment by Sumit Naithani on July 3, 2013 at 3:08pm

desh ko samarpit sunder rachna


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on July 3, 2013 at 9:32am

देशभक्ति का जज्बा...बहुत सुन्दर 

शुभकामनाएं 

Comment by ram shiromani pathak on July 2, 2013 at 9:26pm

बहुत सुन्दर प्रस्तुति भाई हरीश जी प्रयासरत रहें आप और भी अच्छा लिख सकते है //हार्दिक बधाई 

Comment by Harish Upreti "Karan" on July 2, 2013 at 6:37pm

बहुत बहुत शुक्रिया pragya ji.......

Comment by Harish Upreti "Karan" on July 2, 2013 at 6:37pm

धन्यवाद आदरणीय जीतेन्द्र जी....

Comment by Pragya Srivastava on July 2, 2013 at 5:19pm

देश को नमन........................देश भक्ति की सुंदर रचना के लिए बधाई

कृपया ध्यान दे...

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