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ये आदत अच्छी नही तुम्हारी

ये आदत अच्छी नही तुम्हारी
मेरा दिल जलाने की
तुम्हारा ही घर जलता है
आदत से बाज आ जाओ ....

न सुनते हो न समझते हो
बिना बात के मुझ पर बरसते हो
तुम्हारा ही चैन खोता है
आदत से बाज़ आ जाओ

यूँ आँखे क्यों दिखाते हो
यूँ मुझको क्यों  डराते हो
तुम्हारा ही रूप बदलता है
आदत से बाज़ आ जाओ

यूँ मुझसे नज़रे क्यों चुराते हो
मुझे इतना क्यों तडपते हो
तुम्हारा ही दिल तड़पता है
आदत से बाज़ आ जाओ .....!!!!!



मौलिक व अप्रकाशित रचना





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Comment by ram shiromani pathak on June 8, 2013 at 2:53pm

बहुत बढ़िया विचार रखे है आपने //अंडरलाइन //टंकण अशुद्धि है देख ले //मुझे इतना क्यों तडपते हो////

Comment by बृजेश नीरज on June 7, 2013 at 2:32pm

अपनी बात को मात्रा साधते हुए यदि कहें तो गेयता आ जाएगी। जिसकी लिए यह कही गयी उस पर भी अच्छा असर होगा। शायद उसे आपकी बात समझ आ जाए।
सादर!

Comment by D P Mathur on June 7, 2013 at 1:15pm

नसीहतों से भरी रचना ,  सरल और सुन्दर !

Comment by aman kumar on June 7, 2013 at 10:55am

बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ......

Comment by Sonam Saini on June 7, 2013 at 9:57am

आदरणीय सौरभ पांडे जी नमस्कार
जी चलिए किसी ने तो सुना ही .......क्या पता उनके चक्कर में किसी और की ही आदत सुधर जाये ...हहह्हा
आपकी बात पर अवश्य अमल करूंगी ........अपना कीमती समय व सुझाव देने के लिए आभार व धन्यवाद सर जी ......

Comment by Sonam Saini on June 7, 2013 at 9:53am

आदरणीय जी लक्ष्मन प्रसाद जी  नमस्कार
.प्रतिक्रिया हेतु आभार व धन्यवाद।।।।।

Comment by Sonam Saini on June 7, 2013 at 9:51am

आदरणीय वीनस केसरी जी सादर नमस्कार
जी आदत कहाँ एक दिन में बदलती है ...नसीहत तो दे ही दी देखते हैं कि कोई असर होता है की नही .....प्रतिक्रिया हेतु
आभार व धन्यवाद

Comment by Sonam Saini on June 7, 2013 at 9:49am

आदरणीय महिमा जी नमस्कार
इतने दिनों से कहाँ गायब थे भई .....?????? मैं अच्छी हूँ आप कैसी हो ???
और किसकी बजाई ये न पूछिये बस बजा डाली ....हाहाहा   :) :) :)

Comment by Sonam Saini on June 7, 2013 at 9:46am

आदरणीय गीतिका जी नमस्कार
सर्वप्रथम तो शुभकामनाओ के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आपका .....आदत से बाज आजा ओ // के बजाये बाज आदत से आजा ओ भी उपयुक्त लग रहा है ..लेकिन अब तो इसे बदलना मुश्किल है ....अगली रचना में देखते हैं ......... :) :) बेहद शुक्रिया आपका ...आगे भी भूल सुधर करती रहे ...........धन्यवाद

Comment by Sonam Saini on June 7, 2013 at 9:42am

आदरणीय आबिद अली जी नमस्कार
रचना को पसंद  हेतु आभार व धन्यवाद ...

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