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मै कौन हूँ तुम्हारा [गीत]

इतना मुझे बता दो , मै कौन हूँ तुम्हारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

साँसों से बन्ध के जैसे , कोई डोर खींचती है ।
जाने मुझे क्यों पल पल , तेरी ओर खींचती है ।

हर सांस में सिसक कर, दिल ने तुम्हे पुकारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

मैकश अगर मै कोई , तू मेरा मैकदा है ।
पीता हूँ जाम तेरे , मुझको तेरा नशा है ।

आँखों में तैरता है , तेरे प्यार का नज़ारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

कदमों में कोई थिरकन , आँखों से बरसे सावन ।
तेरी धुन में झूमता है , हर शै मेरा ये जीवन ।

कहने लगा है पागल , मुझको जहाँ ये सारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

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Comment by Neeraj Nishchal on May 25, 2013 at 7:38pm
Shukrya Pankaj ji
Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on May 25, 2013 at 7:24pm

सुन्दर रचना नीरज मिश्रा जी, हार्दिक बधाई स्वीकारे 

Comment by Vindu Babu on May 25, 2013 at 7:18pm
आदरणीय आपका प्रयास सार्थक है।
ढेरों शुभकामनाएं...
सादर
Comment by Meena Pathak on May 25, 2013 at 6:37pm

बहुत बहुत सुन्दर गीत ...  बधाई 

Comment by वेदिका on May 24, 2013 at 11:25pm
बताइए क्या प्रतिक्रिया दूँ इस छंद बद्ध और व्याकरण सम्मत रचना पर ....सुंदर सुर ..ताल लय युक्त ...बिलकुल उसी रस्ते की रचना जिससे आप दूरे भागना चाहते है ....
आप ये गीत इस गीत की तर्ज पर गा भी सकते है .."तुझे याद करते करते ..जाएगी रैन सारी "
शुभकामनाये नीरज जी!
Comment by बृजेश नीरज on May 24, 2013 at 11:04pm

नीरज भाई! बहुत सुन्दर! ढेरों बधाई!
लिखते आप बहुत अच्छा हैं। बस धैर्य खो देते हैं। अधीर मत होइए। अध्ययन करिए और लिखिए। जो कमेन्ट मिलें उनको ध्यान से देखें। उनमें जो निर्देश दिए गए हों उनका पालन करें। फिर देखें कमाल।
सब बल्ले बल्ले!

Comment by Pankaj Trivedi on May 24, 2013 at 10:09pm

बेहतरीन !

Comment by Neeraj Nishchal on May 24, 2013 at 6:22pm
Bahut bahut Dhanywaad shyaam narayan ji
Comment by Shyam Narain Verma on May 24, 2013 at 3:55pm
बहुत बहुत बधाई इस सुन्दर रचना के लिए ……………..

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