For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

क्या जीवन है/हाइकू (प्रयास)

बालू का स्थल
जालाभास रश्मि से
तपती प्यास
------------------

प्रीति सुमन
नागफनी का बाग
व्यर्थ खोजना
------------------

तृप्ति कामना
घी दहकाए ज्वाला
पूर्ति आहुति
-------------------

जीवन यात्रा
हर क्षण रहस्य
रोना या गाना
-------------------
गन्तव्य कहाँ!
लमकन जारी है
क्या जीवन है?
-विन्दु (मौलिक,अप्रकाशित)

Views: 658

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Vindu Babu on April 5, 2013 at 4:24pm
आदरणीय अरूण महोदय आपका मेरे ब्लाग पर कोटिश: स्वागत है।
आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए अत्यन्त उत्साहवर्धक है।
प्रयास आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया से सार्थक हुआ।
हार्दिक आभार!
सादर
Comment by Vindu Babu on April 5, 2013 at 4:23pm
आदरणीय अरूण महोदय आपका मेरे ब्लाग पर कोटिश: स्वागत है।
आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए अत्यन्त उत्साहवर्धक है।
प्रयास आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया से सार्थक हुआ।
हार्दिक आभार!
सादर
Comment by Vindu Babu on April 5, 2013 at 4:16pm
आदरणीय केवल प्रसाद जी,आदरणी निकोर सरजी,आदरणीय रामशिरोमणि जी आपने इस सादारण से प्रयास को सराहा इसके लिए आपको सहृदय आभार।
आशा है आगे भी आप सुधीजनो का स्नेह मिलता रहेगा।
सादर!
Comment by अरुन 'अनन्त' on April 5, 2013 at 3:37pm

आदरेया वंदना जी सादर पहली बार आपकी रचना पढ़ रहा हूँ बहुत ही सुन्दर हाइकू प्रस्तुत किये हैं आपने साथ ही शब्दों का चयन तथा भाव भी खुल कर अपना प्रणाम दे रहे हैं. आप बधाई की पात्र हैं मेरी ओर से हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by ram shiromani pathak on April 5, 2013 at 11:51am

आदरणीया, वंदना तिवारी  जी!

गन्तव्य कहाँ!
लमकन जारी है
क्या जीवन है?. वाह, वाह ! ...  बहुत अच्छा लगा।बहुत-बहुत वधाई स्वीकारें।

Comment by vijay nikore on April 5, 2013 at 10:38am

विन्दु जी:

 

//प्रीति सुमन
  नागफनी का बाग
  व्यर्थ खोजना//    ..... वाह, वाह ! ...  बहुत अच्छा लगा।

 

सादर,

विजय निकोर

 

 

 

 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on April 5, 2013 at 9:05am

आदरणीया, वंदना तिवारी‘विन्दु‘ जी, सुप्रभात! ‘प्रीति सुमन
नागफनी का बाग
व्यर्थ खोजना!‘ अतिसुन्दर हाईकू, बहुत-बहुत वधाई स्वीकारें।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"नमन मंच  सादर अभिवादन "
35 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122 1212 112 बाप ख़ुद की ख़ुशी को भूल गया आज बेटा उसी को भूल गया १ ज़ीस्त की उलझनों में यूँ…"
36 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। गिरह सहित सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112**बिसलरी पा  नदी को भूल गयाहर अधर तिस्नगी को भूल गया।१।*पथ की हर रौशनी को भूल…"
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन।"
8 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला वो किसी को भूल गय इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा रात को इक और फिर रात…"
12 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन "
13 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"स्वागतम"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। चौपाइयों पर उपस्थिति, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। आपकी…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुति का सहज संशोधित स्वरूप।  हार्दिक बधाई"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, प्रदत्त चित्र को आपने पूरे मनोयोग से परखा है तथा अंतर्निहित भावों को…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी, आपने प्रस्तुति के माध्यम से प्रदत्त चित्र को पूरी तरह से शाब्दिक किया है…"
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service