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आम आदमी पार्टी 
आज तक हम खास थे अब आम हो गए 
सब पार्टियों को छोड़ 'आम' के साथ हो गए 
सबको परख चुके अब इनको भी परखेंगे 
ख्वावों की वंदिशों से हम आज़ाद हो गए 
कांग्रेस परखी,भाजपा परखी परखी सपा,बासपा
आम आदमी पार्टी भी परख लें पूर्ण होगी परिक्रमा 
या तो लुटिया डूबेगी या तर जाएँगे सारे
हमारे खज़ाने से क्या जाएगा अगर गए वो हारे 
जीत गए गर आम आदमी तो हो जाएँगे ख़ास 
यूँ भी त्रस्त है सारी जनता पहले से ही निराश
सबने अपने भरे खज़ाने किसी को कुछ न मिला 
गरीब और ग़रीब होते गए अब किससे करें गिला       
आम आदमी की लहर उठ चली कुछ तो होगा ज़रूर
किला टूटेगा भ्रष्टाचार का भ्रष्टाचारियों का गरूर  
दुम  दवाकर भागेंगे निठल्ले और रिश्वत खोर 
दीपक शर्मा कुल्लुवी 
27-11-12.

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Comment by Dr.Prachi Singh on November 29, 2012 at 11:21am

आ. दीपक शर्मा जी, सामयिक विषय पर हमेशा की तरह एक कथन समृद्ध अभिव्यक्ति के लिए बधाई .

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on November 28, 2012 at 9:46am

धन्यवाद रविकर जी,शालिनी जी,जवाहर जी 

केवल बधाई से इब काम न चाल्लेगा हम सबको मिलकर भ्रष्टाचारी दानवों से सामना करना पड़ेगा 
दीपक कुल्लुवी  
Comment by JAWAHAR LAL SINGH on November 28, 2012 at 7:45am

आम आदमी बन कर करें समर्थन उनका!

देखे है हम सबको, देखें जलवा उनका

Comment by shalini kaushik on November 27, 2012 at 11:56pm

बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति  .बधाई 

Comment by रविकर on November 27, 2012 at 4:52pm

सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय ।

बधाई स्वीकारें ।।

कृपया ध्यान दे...

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