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१. भाई-बहिन
बाँटें प्यार ही प्यार
राखी के दिन
 
२. खुशी की घड़ी
न्यारी थाली सजाये
बहना खड़ी
 
३. अक्षत-रोली
आरती-मिठाईयाँ
हंसी-ठिठोली
 
४. रंग-बिरंगी
चटख सतरंगी
चमके राखी
 
५. नहा-धोकर
नए वस्त्र पहने
भईया बैठा
 
६. हुई आरती
लगा माथे पे टीका
बंधेगी राखी
 
७. ये बंधी राखी
मुंह में गया लड्डू
अब नेग दो
 
८. भैया का पर्स
छीन भागी छुटकी
देखो शैतानी
 
९. भैया भी हंसा
लुटाया खूब प्यार
वाह क्या पर्व
 
१०. दीदी कहती
आज देना पड़ेगा
वर्ना मारुँगी
 
११. यही माहौल
ऐसे-ऐसे उत्सव
काश रोज हों

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Comment by Ashok Kumar Raktale on July 27, 2012 at 7:58am

धन्यवाद.

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on July 26, 2012 at 10:38am
आदरणीय रक्ताले सर, सुझाव के लिए आपका हार्दिक आभार। आपके कहे अनुसार संशोधन कर दिया है। स्नेह बनाए रखिएगा।
Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on July 26, 2012 at 10:33am
हाइकु पसंद करने के लिए आपका आभार आदरणीया राजेश जी। स्नेह बनाए रखिएगा।
Comment by Ashok Kumar Raktale on July 25, 2012 at 11:56pm

 गौरव जी

           नमस्कार,

यही माहौल

ऐसे-ऐसे उत्सव

काश रोज हों
 बिलकुल सही कहा है आपने. सुन्दर हाइकू बधाई.
 आपको बुरा ना लगे तो कहना चाहूँगा की
७ नंबर के हाइकू में 'मुंह में गया लड्डू," होता तो और भी सुन्दर लगता.

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 25, 2012 at 2:06pm

वाह वाह बहुत सुन्दर राखी हाइकु बधाई आपको 

कृपया ध्यान दे...

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