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फ़ोकट की तुकबन्दी सारी बाबाजी

हांग कांग  की छटा है प्यारी बाबाजी
पर भारत  की बात ही न्यारी बाबाजी

प्यार मिला, सम्मान मिला इस महफ़िल में
ओ बी ओ पर मैं बलिहारी बाबाजी

रूपया रोक न पाया ख़ुद को गिरने से
डॉलर ने  वो  बाज़ी मारी बाबाजी

ममता,ललिता,सुषमा तीनों गायब हैं
तन्हा रह गये अटल बिहारी बाबाजी

कौन बनेगा सदर हमारे भारत का
ये भी संकट है इक भारी बाबाजी

चाट पकौड़ी खाओ,  किरपा आएगी
कहते  बाबा लीलाधारी  बाबाजी

'अलबेला' की इस रचना पर लानत है 
फ़ोकट की तुकबन्दी सारी बाबाजी

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Comment

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Comment by Albela Khatri on June 26, 2012 at 11:11pm

जय हो !
प्रदीप जी की जय हो !

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on June 26, 2012 at 10:52pm

जय हो बाबा जी.

 

Comment by Albela Khatri on June 25, 2012 at 11:56pm

फ़कीरों के पास तो फ़क्कड़ी ही मिलेगी  उमाशंकर जी.......और जब तक फ़क्कड़ी है, तब तक अपना वजूद है  जिस दिन ये चली गई फिर  इस  कायनात में हमारे लिए बचेगा ही क्या  ?

फ़क्कड़ी  के बड़े मज़े हैं भाई साहेब !

Comment by UMASHANKER MISHRA on June 25, 2012 at 11:45pm

क्या बात है अलबेला जी

'अलबेला' की इस रचना पर लानत है 
फ़ोकट की तुकबन्दी सारी बाबाजी

यही अदा तो सबको प्यारी बाबाजी

जो आप अपने आपको भी नहीं छोड़ते

आपके इस फक्कड़ी के ही तो हम कायल हैं

Comment by Albela Khatri on June 25, 2012 at 11:36pm

आपका बहुत बहुत  धन्यवाद  आदरणीय राज तोमर जी........
आपने सराहना कर दी
मुझे पद्मश्री  मिल गया ऐसा लगता है

___वैसे कहना मत किसी से .....मित्रों की सराहना के आगे पद्मश्री की कुछ  कीमत नहीं.........
______सादर

Comment by Raj Tomar on June 25, 2012 at 11:09pm

"चाट पकौड़ी खाओ,  किरपा आएगी 
कहते  बाबा लीलाधारी  बाबाजी "

 क्या कहने अलबेला साब. उम्दा रचना है. :)

Comment by Sanjay Mishra 'Habib' on June 25, 2012 at 7:44pm

हा हा हा.. जय हो बाबा जी की... :)))

आपके स्नेह के लिए सादर आभार स्वीकारें आदरणीय...

Comment by Albela Khatri on June 25, 2012 at 7:04pm

आइये आइये  आदरणीय संजय मिश्रा 'हबीब' साहेब,
बहुत दिनों बाद आये..........
खैर....
सबसे पहले तो मैं आपको बधाई देना चाहता हूँ  उन ग्राफिक्स के  लिए जो आपने महा उत्सव और चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता  से ले कर  आगामी तरही मुशायरा तक प्रस्तुत किये.........सचमुच शानदार !
अब आपकी स्नेहिल सराहना और बधाई  का आभार मानता हूँ ...आपने गज़ब की पंक्तियाँ कही  भाईजी........देख लेना  एक  न एक दिन मैं सबको बाबाजी बना कर छोडूंगा .....हा हा हा हा

____आपकी जय हो प्रभु !

Comment by Sanjay Mishra 'Habib' on June 25, 2012 at 6:56pm

चिंता पल में सभी भगा दें बाबाजी.

चेहरे पर मुस्कान सजा दें बाबाजी.

 

तुकबंदी ना बोलें इसको फ़ोकट की,

रचनायें सुन्दर पढ़वा दें बाबाजी. 

 

परदेशों में हिंदी को महका आयें

भारत की भी शान बढ़ा दें बाबाजी.

 

सादर बधाईयाँ स्वीकारें आदरणीय अलबेला भाई जी...

Comment by Albela Khatri on June 25, 2012 at 3:22pm

धन्यवाद रेखा जी.......आभार  आपने  रचना पसन्द की...........

कृपया ध्यान दे...

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