For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SudhenduOjha's Blog (25)

(देवी गीत) दे शरण मुझे, कर वरण मुझे हे माँ

दे शरण मुझे,

कर वरण मुझे हे माँ



है जगत तेरी बस छाया

सब कुछ तुझ में है समाया

इस भूल-भुलैया दुनिया में

सब समझ मुझे अब आया



मैं याचक हूँ

नत मस्तक हूँ

कर चरण मुझे

दे शरण मुझे हे माँ



दे शरण मुझे,

कर वरण मुझे हे माँ



हे जग जननी हे माता

त्रैलोक्य तुम्हें है ध्याता

नाम तुम्हारा हे जग माता

तव, कष्ट सभी हर जाता



मैं मूढ़ मति, बिगड़ी है गति

कर स्मरण मुझे

दे शरण मुझे हे माँ



दे शरण… Continue

Added by SudhenduOjha on June 13, 2016 at 12:36pm — No Comments

(देवी सरस्वती वंदना) स्नेह का सागर अनन्तिम प्रेम हो सौहार्द्य हो

स्नेह का सागर अनन्तिम

प्रेम हो सौहार्द्य हो

कातर धरा पर गूँजता सा

तुम मनोहर काव्य हो



दान कर हमें ज्ञान की

तू सम्पदा

धीरज धरें आगे बढ़ें

हे मात देवी शारदा



मन में अटल विश्वास हो

हर पल नया उच्छ्वास हो

विपदा से चाहे हम घिरें हों

आप हरदम पास हों



किस तरह व्यापेगी

हम पर कोई आपदा

दान कर हमें ज्ञान की

तू सम्पदा

धीरज धरें आगे बढ़ें

हे मात देवी शारदा



सुन हे मुक्तिदायिनी

हे मातु… Continue

Added by SudhenduOjha on June 13, 2016 at 12:31pm — 1 Comment

स्वप्न, बच्चों की आँखों में पलना चाहिए : आगया है समय, हमको बदलना चाहिए॥

स्वप्न, बच्चों की आँखों में

पलना चाहिए।

आगया है समय, हमको

बदलना चाहिए॥

जर्जरावस्था है,

बता दो तन को।

उसे, झुक-झुक के

चलना चाहिए॥

 

बदल रहा है अब,

मौसम का मिजाज़।

उन्हें दरख्तों पर

उतरना चाहिए॥

कुछ परिंदे,

सारी हदों को तोड़ते हैं।

बुलंद हौसलों को

करना चाहिए॥

मेरा सच,

दुनिया के सच से ख़ूब है।

‘आप’ को इसे

समझना चाहिए॥

‘निर्भया’ से…

Continue

Added by SudhenduOjha on June 12, 2016 at 7:30pm — 2 Comments

गान मेरा स्वांस है, यह अजब विश्वास है

गान मेरा स्वांस है,

यह अजब विश्वास है

 

दूरियाँ ही दूरियाँ हैं

लक्ष्य तक,

तम ही तम है

सूर्य के द्वार तक

 

पाँव में

सर्पदंशी फांस है

गान मेरा स्वांस है,

यह अजब विश्वास है

 

ओस में कागज़ों से

मुस गए हैं आदमी

भय अजब सा लिए घरों में

घुस गए हैं आदमी

 

दीप उज्ज्वल

एक मेरे पास है

गान मेरा स्वांस है,

यह अजब विश्वास है

 

हाशिये से उतर…

Continue

Added by SudhenduOjha on June 12, 2016 at 2:32pm — 2 Comments

कह के तो नहीं गया था, -पर सामान रह गया था

कह के तो नहीं गया था,

-पर सामान रह गया था

 

समय का ऐसा सैलाब,

-वजूद भी बह गया था

क्या आए हो सोच कर,

-हर चेहरा कह गया था

बाद रोने के यों सोचा,

-घात कई सह गया था

गिरा, मंज़िल से पहले,

-निशाना लह गया था

पुरजोर कोशिश में थी हवा,

-मकां ढह गया था

तुम आए, खैरमकदम!

-वरक मेरा दह गया था?

 

मौलिक है, अप्रकाशित भी

सुधेन्दु ओझा

Added by SudhenduOjha on June 9, 2016 at 7:30pm — 7 Comments

Monthly Archives

2018

2017

2016

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service