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Dr. Umeshwar Shrivastava
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Latest Activity

Dr. Umeshwar Shrivastava updated their profile
Feb 26
Dr. Umeshwar Shrivastava commented on Saurabh Pandey's blog post फुलकी
"सर जी ! सबसे पहले तो नववर्ष की बधाई स्वीकार करें। ये सवैये तो सचमुच लाजवाब हैं। 24 वर्णों वाली चार-चार पंक्तियों की यह छंदबद्ध रचना और इसमें निहित बिंब (चाक्षुष, नासिक्य, घ्राण, जिह्वा आदि), उपमा, रूपक, अनुप्रास, पुनरुक्ति जैसे अलंकार, देशज प्रयोग,…"
Jan 1
Dr. Umeshwar Shrivastava replied to Ambarish Srivastava's discussion दोहा : परिचय एवं विधान in the group भारतीय छंद विधान
"प्रथम आज प्रवेश हुआ, मिला आपका साथ।लो यह दोहा बन गया, बातों ही में बात।।"
Dec 27, 2011
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भारतीय छंद विधान

इस समूह में भारतीय छंद शास्त्रों पर चर्चा की जा सकती है | जो भी सदस्य इस ग्रुप में चर्चा करने के इच्छुक हों वह सबसे पहले इस ग्रुप को कृपया ज्वाइन कर लें !See More
Dec 27, 2011
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हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"
Dec 27, 2011
Arun Kumar Pandey 'Abhinav' commented on Dr. Umeshwar Shrivastava's blog post हिंदी हाइकु: एक परिचय
"हाइकू पर उपयोगी जानकारी के लिए हार्दिक आभार और साधुवाद | ओ बी ओ पर इस प्रकार कि विधाओं पर विमर्श और इनमें रचनाएँ हिंदी साहित्य के अमूल्य धरोहर हैं | इससे निश्चित ही साहित्य समृद्ध  होगा |"
Dec 23, 2011
Saurabh Pandey commented on Dr. Umeshwar Shrivastava's blog post हिंदी हाइकु: एक परिचय
"उमेश्वरजी, हाइकू पर आपका आलेख समीचीन लगा. ओबीओ के मंच पर इस विधा में अच्छी रचनाएँ (हाइकू) आयी हैं. आदरणीय योगराजभाईसाहब की बातों से इत्तफ़ाक रखता हूँ.  "
Dec 23, 2011
Dr. Umeshwar Shrivastava commented on Dr. Umeshwar Shrivastava's blog post हिंदी हाइकु: एक परिचय
"अरुण जी ! आप तो हाइकु लिखने में पारंगत हैं, टायपिंग की त्रुटियाँ अपनी जगह हैं। 17-17  वर्णों में आपने बड़ी सारगर्भित बात कह डाली। बधाई स्वीकार करें।"
Dec 22, 2011
Dr. Umeshwar Shrivastava commented on Dr. Umeshwar Shrivastava's blog post हिंदी हाइकु: एक परिचय
"आदरणीय भाई प्रभाकर जी ! मेरे आलेख पर एक दृष्टि डालकर आपने मुझे अनुग्रहीत कर दिया। और, हिंदी हाइकु को अंतर्राष्ट्रिय ख्याति दिलाने हेतु आपने जो सुझाव दिए हैं, वे शिरोधार्य हैं। मुझे तो अभी तक यही मालूम था कि हाइकु विश्व का सबसे छोटा छंद है, परंतु…"
Dec 22, 2011
योगराज प्रभाकर commented on Dr. Umeshwar Shrivastava's blog post हिंदी हाइकु: एक परिचय
"भाई अरुण श्रीवास्तव जी, आपके सभी हाइकु कथ्य और शिल्प की दृष्टि से निर्दोष हैं. इन्हें ओबीओ पर अपने ब्लॉग में स्वतंत्र रूप में पोस्ट बना कर डाल दें.  (छठे हाइकु में "आकास" को "आकाश" कर लें.) "
Dec 22, 2011
योगराज प्रभाकर commented on Dr. Umeshwar Shrivastava's blog post हिंदी हाइकु: एक परिचय
"भाई उमेश्वर श्रीवास्तव जी जापानी त्रिपदी हाइकु के बारे में आपका यह विचारोत्तेजक आलेख पढ़ कर बहुत अच्छा लगा. इस विधा के बारे में आपने जो जानकारी साझा की है उसके लिए आपको ह्रदय से साधुवाद देता हूँ. आपने बिल्कुल दुरुस्त फ़रमाया है कि ५-७-५ की बंदिश…"
Dec 22, 2011
Arun Srivastava commented on Dr. Umeshwar Shrivastava's blog post हिंदी हाइकु: एक परिचय
"सर , मैंने भी कुछ हिंदी हाइकू लिखा था ! मार्गदर्शन चाहूँगा !१.मैं न बरसाबरसो बीत गएझील प्यासी है २.तुम कहाँ ह़ो दिल उदास सा है पास आ जाओ ३.हँसते होंठ सुबह मैंने देखा नयन रीते ४.भ्रम मन काडूबते का सहारा एक तिनका ५.ले शस्त्र टूटेयुद्ध को आया पुनःमै…"
Dec 21, 2011
Dr. Umeshwar Shrivastava posted a blog post

हिंदी हाइकु: एक परिचय

  हाइकु मूलतः एक कविता है। और, कविता होने की पहली शर्त है- रचना की काव्यात्मकता, कथ्य की मौलिकता और अभिव्यक्ति की सहजता। लेकिन हिंदी में हाइकु को केवल छंद के रूप में लिया गया है। इसमें इन तीनों चीज़ों का अभाव है। हिंदी में जो हाइकु लिखे जा रहे हैं वे 17 अक्षरों की क्रीड़ा मात्र बनकर रह गए हैं।    हाइकु जापानी भाषा की 17 वर्णों वाली विश्व की सबसे छोटी छंदबद्ध कविता है, जो सीधे मर्म को छूती है। हृदय में उमड़े हुए भावों को 5-7-5 के बंद में बाँधकर हाइकु कह दिए जाते हैं। कम-से-कम शब्दों में…See More
Dec 20, 2011
Dr. Umeshwar Shrivastava and Arun Srivastava are now friends
Dec 20, 2011
Dr. Umeshwar Shrivastava commented on Arun Srivastava's blog post एक मुट्ठी धूप
"प्रेरणादायक कविता है, खासकर उन लोगों के लिए जो केवल समस्याओं पर विचार करते हैं, समाधान ढूँढ़ने प्रयास नहीं करते। व्यवस्था के प्रति केवल शिकायत करना ठीक नहीं है, अच्छा होगा यदि दोनों हाथ लेकर सुधार कार्य हेतु आगे आएँ, कदम-से-कदम मिलाएँ। सुंदर रचना !"
Dec 19, 2011
Dr. Umeshwar Shrivastava and rakesh gupta are now friends
Apr 1, 2011

Profile Information

Gender
Male
City State
Rajnandgaon (Chhattisgarh)
Native Place
Chhuikhdan Distt. Rajnandgaon
Profession
Teaching
About me
सबसे झुक कर मिलता हूँ ये मेरी आदत है। पर कोई यह न समझे कि मेरा कद बुलंद नहीं।
साम्प्रदायिक सद्भाव या कौमी एकता दिवस मनाने का औचित्य तो है पर क्या हम उन उद्देश्यों को पूरा करते हैं ? प्रार्थना सभा या किसी स्थल पर एकत्र होकर पिष्ट-पेषण मात्र ही यदि साम्प्रदायिक सद्भाव या कौमी एकता का पर्याय है तो हाँ हम बड़े जोशोखरोश के साथ यह दिवस मना रहे हैं। माइक पर चढ़कर लंबे-चैड़े भाषण देने वाले बतवीरों से मेरा आग्रह है कि बोलना छोड़कर इस दिशा में सार्थक कुछ कार्य करे तो समाज और देश की यह बड़ी सेवा होगी।

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हिंदी हाइकु: एक परिचय

Posted on December 20, 2011 at 10:00pm 7 Comments

  

हाइकु मूलतः एक कविता है। और, कविता होने की पहली शर्त है- रचना की काव्यात्मकता, कथ्य की मौलिकता और अभिव्यक्ति की सहजता। लेकिन हिंदी में हाइकु को केवल छंद के रूप में लिया गया है। इसमें इन तीनों चीज़ों का अभाव है। हिंदी में जो हाइकु लिखे जा रहे हैं वे 17 अक्षरों की क्रीड़ा मात्र बनकर रह गए हैं।   

हाइकु जापानी भाषा की 17 वर्णों वाली विश्व की सबसे छोटी छंदबद्ध कविता है, जो सीधे मर्म को छूती है। हृदय में उमड़े हुए भावों को 5-7-5 के बंद में बाँधकर हाइकु कह दिए…

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At 7:35pm on March 3, 2011, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 10:55pm on October 28, 2010, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 9:03am on October 28, 2010, Admin said…

At 7:17am on October 28, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

 
 
 

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