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Venus
  • Female
  • Chandigarh,Punjab
  • India
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Welcome, Venus!

Profile Information

Gender
Female
City State
Chandigarh
Native Place
Himachal Pradesh
Profession
Research Scholar and Lecturer of Environmental Sciences
About me
hmmmmmm about me. from nothing to everything..... nd from everything to nothing 'गुलज़ार' कहते हैं की""" कुछ भी कायम नही ...... बस जो कायम है वो है..इक ...बस .."मैं". वो ...."मैं " जो पल पल बदलता रहता है......""""..........********** hmmmmmm... पल-पल बदलती बिखरती हर मोड़ पर ........ फिर भी आहंग है मुझमे कहीं न कहीं ..... होती है मुझमे पल-२ वेकराँ ख्यालो की तखमील .....हर घडी .........हर वक़्त और मिलती है तकमील मुझीमे ...मुझे मेरी खुदी को...और ...मेरी....'मैं' को वही 'मैं' जो पल पल बदलती रहती है ! ज़ोया ****.my pen name . तख्खलुस . LOLz..yaa..i hav one....this means..Researcher.अन्वेषिका..and that what i am...

Venus's Blog

मैं और आगे बढ़ते जाती हूँ

दिन-प्रतिदिन स्वयं में ही ध्वस्त हो

विच्छेद हो कण-कण में बिखर जाती हूँ

आहत मन,थका तन समेटे दुःसाध्यता से…

Continue

Posted on March 8, 2011 at 5:30pm — 3 Comments

सैर फरवरी की धूप में

फरवरी की धूप में

बिखरे -२ से रूप में

चल रही थी मौज में

मीठी मीठी सी धूप में…

Continue

Posted on February 8, 2011 at 5:00pm — 1 Comment

लम्स की तपिश

बस इक बार ही चखा था मैंने उठा के

तुम्हारा लम्स अपने ठंडी रूह से लेकिन

बरसों सुलगता रहा वो हिस्सा रूह में

इक चिंगारी की तरह पकiता रहा रूह को

बस इक लम्स की तपिश से जीती रही

चखती रहती रूह उस चिंगारी को धीरे-२

ज्यूँ- ज्यूँ मेरी रूह का दायरा बढ़ता गया

चिंगारी चखने की आदत बढती गयी

पर वक़्त के साथ मधम हो गयी है… Continue

Posted on November 16, 2010 at 12:30am — 5 Comments

रात ना कटे तो तुम ऐसा करना ....

रात ना कटे तो तुम ऐसा करना ..

काली लम्बी इस रात के 3 टुकड़े करना



इक टुकडा काट के आसमान को दे देना



फिर दूसरा टुकडा दे देना तुम चाँद को

बचा हुया वो एक आखिरी टुकडा



तुम अपने पास अपने सरहाने रख लेना,



लेटे लेटे उसमे देखना बीता वक़्त हमारा

वो मिलना ,वो जीना,वो बिछड़ना हमारा

इस लम्बे से सफ़र में वो छोटा… Continue

Posted on November 16, 2010 at 12:30am — 7 Comments

Comment Wall (5 comments)

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At 4:11pm on February 8, 2011, Admin said…

venus जी, नमस्कार, 

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के नियमानुसार किसी भी वेब साईट, blogspot सहित, पर पूर्व से प्रकाशित रचनाओं को यहाँ प्रकाशित करने से मना किया जाता है,प्रिंट माध्यम मे प्रकाशित रचना हेतु छुट है, चूकि रचना आपकी अमानत है और उसपर आप का अधिकार है इसलिये OBO मे प्रकाशन के बाद आप और कही प्रकाशित कर सकती है |

अन्य किसी भी तरह की जानकारी हेतु आप कभी भी मुझे लिख सकती है, मुझे ख़ुशी होगी |

धन्यवाद |

At 8:52pm on September 15, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 8:50pm on September 15, 2010,
सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh
said…

At 10:30am on September 14, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 10:29am on September 14, 2010, Admin said…

 
 
 

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