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Khan Hasnain Aaqib
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Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"बहोत खूब गझल कही रचना जी.. मुबारकबाद स्विकार करें"
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"रचना जी, आप का भी शुक्रिया के आप ने पसंद फरमाया.."
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"जी जनाब, बहोत शुक्रिया, taqabul के ऐब से मैं भी परहेज करता हूं लेकिन ये गझल फिल बदीह हुई थी इसलिए नजर ए सानी का मौका नहीं मिला. बहोत शुक्रिया"
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"बहोत शुक्रिया जनाब ए आली "
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"बेह्तरीन गझल, मतला से मक्ता तक, हर शेर मानवियेत से भरपूर "
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"खूब है जनाब "
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"बहोत उम्दा गझल कही है आपने, मतला तो ख़ास तौर पर दाद के क़ाबिल.. बहोत मुबारक बाद "
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"गझल  वक़्त बदले तो हर एक ज़ेर ज़बर  बनता है आम को चूस के खाना भी ख़बर बनता है। मुद्दतें लगती हैं, सीपी में गुहर बनता है  देर से ही सही आकिब ये मगर बनता है।  घर की तामीर में होती है मुहब्बत पिनहाँ कौन कहता है कि दीवारों से घर…"
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117
"गझल  वक़्त बदले तो हर एक ज़ेर ज़बर  होता है आम को चूस के खाना भी ख़बर होता है। मुद्दतें लगती हैं, सीपी में गुहर बनता है  देर से ही सही आकिब ये मगर बनता है।  घर की तामीर में होती है मुहब्बत पिनहाँ कौन कहता है कि दीवारों से…"
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib updated their profile
Mar 27, 2020
Khan Hasnain Aaqib commented on Usha Awasthi's blog post हिन्दी सी भला मिठास कहाँ?
"बहोत खूब उषा जी.. हिंदी सी मिठास कहाँ.. पूरी कविता एहसास को अधोरेखित करती है"
Mar 27, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
Maharashtra
Native Place
AKOLA
Profession
Teacher Educator
About me
I am a poet, writer and translator

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At 8:13pm on March 20, 2013, बृजेश नीरज said…

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