For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आध्यात्मिक चिंतन Discussions (77)

← Back to आध्यात्मिक चिंतन
Discussions Replies Latest Activity

संस्कार और उसका मनोवैज्ञानिक आधार - चिंतन

महा प्रभु वल्लभाचार्य का कथन है – जीवाः स्वभावन्तो दुष्टाः , अर्थात जीव स्वभाव से ही दुष्ट प्रकृति का होता है दोषपूर्ण प्रवृत्तियों के कारण…

Started by annapurna bajpai

1 Sep 25, 2013
Reply by Vindu Babu

SPIRITUAL JOURNEY

                                                                            SPIRITUAL  JOURNEY     Any pursuit has to be methodical, and '…

Started by vijay nikore

1 Sep 24, 2013
Reply by Vindu Babu

We are more like our own Mummies than our Real Selves!

We have got stuck with the dead religion. So we face the music and dance to its deadly tunes (प्रेतगान के सुरताल पे थिरकने जैसा): we are gr…

Started by राज़ नवादवी

0 Sep 23, 2013

Sadhana

SADHANA     In its simplest definition, Sadhana is dedication to a pursuit or a goal, e.g. a student trying to excel in studies, a mother t…

Started by vijay nikore

2 Sep 23, 2013
Reply by vijay nikore

सृष्टि की रचना कर ईश्वर ने मुसीबत मोल ले ली: राज़ नवादवी

क्या सृष्टि की रचना कर ईश्वर ने एक बहुत बड़ी मुसीबत मोल ले ली? महान संतों की बात मानें तो ठीक-ठीक यह बता पाना संभव नहीं है कि ब्रहामंड में…

Started by राज़ नवादवी

0 Sep 17, 2013

ARE DHARMA AND RELIGION SAME ?

                      ARE  DHARMA  AND  RELIGION  SAME ?     In its broadest definition, Dharma is moral ideal.   The scope of definition…

Started by vijay nikore

1 Sep 12, 2013
Reply by Vindu Babu

Raz Nawadwi: In the Labyrinth of My Mystical Alleys-7 (मेरी रहस्यवादी वीथी के व्यामोह में-७) 'मूर्तिपूजा क्या है?'

मूर्तिपूजा क्या है? -------------------   संतों ने स्पष्ट कहा है कि "सिर्फ मूर्तिओं की उपासना ही मूर्तिपूजा नहीं है. यदि कोई व्यक्ति अपनी आ…

Started by राज़ नवादवी

0 Aug 28, 2013

Raz Nawadwi: In the Labyrinth of My Mystical Alleys-6 (मेरी रहस्यवादी वीथी के व्यामोह में-६)

Truth is truth and its raison d'etre cannot be ascribed to a particular religion, caste, or creed which are human make-ups, view-points, an…

Started by राज़ नवादवी

0 Aug 26, 2013

"जो कुछ बोल रहे हो निःस्वार्थ भाव से ही न "

“जो कुछ बोल रहे हो निःस्वार्थ भाव से ही न” मंदिर का घंटा बजते हुए एक भद्र पुरुष  ने परमात्मा की मूरत के सामने हाथ जोड़ कर अंखे बंद कर लीं और…

Started by annapurna bajpai

0 Aug 7, 2013

Raz Nawadwi: In the Labyrinth of My Mystical Alleys-5 (मेरी रहस्यवादी वीथी के व्यामोह में-५)

Everything originates at first at the level of a whim or an idea which gets translated into grosser forms at an opportune time. Ideation le…

Started by राज़ नवादवी

0 Aug 7, 2013

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Monday
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service