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"बहुत दुःखद सूचना है आदरणीय रवि प्रभाकर जी के लिए विनम्र श्रद्धांजलि शत-शत नमन"

vandana replied May 23, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3543 Dec 28, 2023
Reply by धर्मेन्द्र कुमार सिंह

"सैकड़ों बार का सुना किस्सा किस्सा गो फिर सुना गया है मुझे उम्र का हर गुज़श्ता लमहा…"

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"*वो सितम पर है इतना आमादा ।*ख़्वाब में भी रुला गया है मुझे । बहुत बढ़िया ग़ज़ल आदरणीय "

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"मुझपे आइद है लब की पाबंदीसद्र सबका चुना गया है मुझे // बहुत खूब आदरणीय "

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"लाल फ़ीते से बांध रक्खा हैऔर तरक़्क़ी कहा गया है मुझे नोंक लगते ही फ़टना तय समझोबस हवा…"

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"बहुत शानदार ग़ज़ल आदरणीय दिनेश जी  एक से बढ़कर एक शेर "

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"एक से बढ़कर एक शेर बहुत बेहतरीन ग़ज़ल आदरणीय "

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"हिचकियाँ आ रही हैं रह रह कर। याद शायद किया गया है मुझे ।। जब कि शादाब है मेरा ,गुल…"

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"आदरणीय समर सर आपके मशविरे पर ध्यान दूंगी फिर भी अपनी कोशिश के बारे में कुछ निवेदन कर…"

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"  मुस्कुरा कर बुला गया है मुझे एक बच्चा रिझा गया है मुझे सांस में जागी संदली खुशबू…"

vandana replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

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Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -कुछ थे अधूरे काम सो आना पड़ा हमें.
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"आदरणीय जी सृजन आपकी स्नेहिल प्रशंसा का दिल से आभारी है सर"
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"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
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"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . . .
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
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"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है सर"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी .....
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . सन्तान
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"आ. भाई आजी तमाम जी, अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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