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नादिर ख़ान's Discussions (1,566)

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"Sarthak tippni evam hausala afzaii keliye sabhi sudhi janon ka shukriya mai Iztima(d…"

नादिर ख़ान replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"पीट कलाई आपसदारी श्वेत वसन में पड़ी हुई है माँग-चूड़ियाँ धोकर बेसुध जमी ठण्ड-सी गड़ी हु…"

नादिर ख़ान replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"पक्षियों के कलरव के बीचफिर भिगेंगे प्यार की ओंंस मेछुपते-छुपाते नज़रों से औरधो डालें…"

नादिर ख़ान replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सचिन जी क्या कहने बहुत उम्दा दोहे कहे आपने, मंत्रमुग्ध कर दिया ...बहुत मुबारक…"

नादिर ख़ान replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय गिरिराज जी उच्च कोटि की सार्थक रचना हुयी है। प्रदत्त विषय पर तर्कपूर्ण रचना  …"

नादिर ख़ान replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय डॉ गोपाल नारायण जी कोहरे पर अलग अलग रंग भर दिये आपने, बहुत मुबारकबाद सुंदर हा…"

नादिर ख़ान replied Feb 12, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"छन्न पकैया छन्न पकैया , विपदा कैसी आईवीर लडैया घर में हारे , कुहसा छँट ना पाई ...अति…"

नादिर ख़ान replied Feb 12, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"सच्चे जन सहमे दिखें ,फूले दिखें दबंग स्वार्थ की इस धुंध में ,मन की गलियाँ तंग  माना…"

नादिर ख़ान replied Feb 12, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"कोहरा  मेरी आँखों के सामने कोहरा है घना कोहरा जो डरावनी शक्ल लिए रोकता है, मुझे आगे…"

नादिर ख़ान replied Feb 12, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय राना प्रताप जी आदाब, आपसे निवेदन है कि मेरे आठवें शेर को ,इस शेर से बदल दें ।…"

नादिर ख़ान replied Feb 3, 2016 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 67 में सम्मिलित सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

32 Feb 3, 2016
Reply by नादिर ख़ान

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"भाई अजय गुप्ता जी, मेरी नजर में बहुत शनदार रचना हुई है। इसके लिए बहुत बहुत बधाई। अनुष्टुप छंद तो…"
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"झूठों ने झूठ को ऊँचे, रथ पर बिठा दिया और फिर उसे खूब, सुंदर सा सजा दिया   पहिये भी गवाहों के,…"
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"कृपया गिरह में // वो ज़माना // को //अब ज़माना// पढ़ा जाए। धन्यवाद "
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"शुक्रिया मनजीत जी, बहुत आभार। ।  //तरही मिसरे पर आपका शेअर कमाल है।// हा हा हा, तिलकराज…"
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Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
" आदरणीय अजय गुप्ता जी ग़ज़ल की मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए। तरही मिसरे पर आपका शेअर कमाल है।"
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