For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बृजेश नीरज's Discussions (2,094)

Discussions Replied To (1397) Replies Latest Activity

"जी आदरणीय! और आजकल अध्ययन, मनन और मंथन से दूरी बनाकर चलने वालों का गठन को नकारने की…"

बृजेश नीरज replied May 22, 2013 to कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों

79 Sep 4, 2013
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"जी आदरणीया तभी तो इन गानों की तरह वे कालजयी नहीं हो पाते। पानी के बुलबुले की तरह उठत…"

बृजेश नीरज replied May 22, 2013 to कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों

79 Sep 4, 2013
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"आदरणीय नीरज जी आपसे एक निवेदन है कि आप जिस व्यक्ति की टिप्पणी का प्रत्युत्तर दे रहे…"

बृजेश नीरज replied May 22, 2013 to कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों

79 Sep 4, 2013
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"आदरणीया राजेश कुमारी जी आपने बहुत महत्वपूर्ण बात कही है। आपकी बात को आगे ले जाने की…"

बृजेश नीरज replied May 22, 2013 to कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों

79 Sep 4, 2013
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"//अध्ययन, मनन, मंथन, गठन तथा संप्रेषण इन पाँच विन्दुओं से जो रचना नहीं गुजरी, वह पाठ…"

बृजेश नीरज replied May 22, 2013 to कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों

79 Sep 4, 2013
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"अहा क्या बात कही है आपने! मजा आ गया आपकी बात पर! गालिब, फैज, कैफी, महादेवी, कबीर, तु…"

बृजेश नीरज replied May 21, 2013 to कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों

79 Sep 4, 2013
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"आदरणीय रक्ताले जी, आपका हार्दिक आभार! इस सफलता के पीछे आप सबका आशीर्वाद काम कर गया।…"

बृजेश नीरज replied May 20, 2013 to लखनऊ चैप्टर का उदघाटन: एक रिपोर्ट

75 Jun 8, 2013
Reply by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR

"जी अवश्य! उस दिन का भी मुझे इंतजार है!"

बृजेश नीरज replied May 20, 2013 to लखनऊ चैप्टर का उदघाटन: एक रिपोर्ट

75 Jun 8, 2013
Reply by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR

"जी अवश्य!"

बृजेश नीरज replied May 20, 2013 to लखनऊ चैप्टर का उदघाटन: एक रिपोर्ट

75 Jun 8, 2013
Reply by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR

"आदरणीय आशुतोष जी आपका हार्दिक आभार! आपको आयोजन से प्रसन्नता हुई यह जानकर हम सबका श्र…"

बृजेश नीरज replied May 20, 2013 to लखनऊ चैप्टर का उदघाटन: एक रिपोर्ट

75 Jun 8, 2013
Reply by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service