For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna's Discussions (1,416)

Discussions Replied To (1180) Replies Latest Activity

"राहुल आज बहुत खुश था। आज उसका प्रमोशन जो हुआ था। इस अवसर पर अपने पत्नी को गिफ्ट देने…"

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"प्रदत विषय पर सार्थक प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय। वर्तमान में यही सब हो रहा…"

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"आदरणीया कान्ता रॉय जी प्रदत विषय पर नारी मन ,नारी शक्ति ,और नारी इच्छा की सशक्त प्रस…"

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"वाह आदरणीय प्रदत विषय पर आपने बहुत ही गहरी और सशक्त बात आपकी लघुकथा में कहने की सफल…"

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"प्रदत विषय पर अप्रतिम प्रस्तुति। हार्दिक बधाई आदरणीय रवि प्रभाकर जी। "

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"प्रदत विषय को सार्थक करती इस मार्मिक प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय राजेश कुमा…"

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"आदरणीय सौरभ सर  प्रदत शीर्षक पर प्रस्तुत लघु कथा ने उसमें निहित मार्मिक भाव ने नेत्र…"

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"बहुत ही गहरी बात कह गए अंतिम पंक्ति में आदरणीय मिथिलेश जी। हार्दिक बधाई सर जी। "

Sushil Sarna replied Jul 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-4 (विषय: बुनियाद)

1356 Jul 31, 2015
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

"ख़त मेरा यूँ सरे राह भला उनके हाथों में देकरऐ कासिद! तू सोच ज़रा, क्या ठीक ये तूने क…"

Sushil Sarna replied Jul 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"तल्खी झूठे वादों की सब भूल गई मैं इक पल मेंसारे शिकवे धो बैठी जब उसने आज सलाम कियावा…"

Sushil Sarna replied Jul 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service