For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er. Ganesh Jee "Bagi"'s Discussions (8,124)

Discussions Replied To (5843) Replies Latest Activity

"बहुत ही संतुलित और सधी हुई प्रस्तुति हुई है, प्रदत्त विषय से न्याय करती इस प्रस्तुति…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jul 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-57

696 Jul 11, 2015
Reply by Satyanarayan Singh

"मतला के तुरंत बाद वाला शेर मुझे कुछ समझ नहीं आया, शेष सभी अशआर एक से बढ़कर एक हुए हैं…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jul 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-57

696 Jul 11, 2015
Reply by Satyanarayan Singh

"// जब तुम सब मेरे पलड़ों में एक तरफ भार रखते हो तो दूसरी तरफ केवल समान ही नहीं रखते स…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jul 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-57

696 Jul 11, 2015
Reply by Satyanarayan Singh

" क्या कहने ...प्रस्तुत सवैया एक साँस में गाकर पढ़ गया, बस आनंद आ गया, कथ्य और शिल्प क…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jul 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-57

696 Jul 11, 2015
Reply by Satyanarayan Singh

"आदरणीय अखिलेश भाई साहब, विषय से न्याय करती सुन्दर दोहावली हुई है, कुछ जगह आंतरिक मात…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jul 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-57

696 Jul 11, 2015
Reply by Satyanarayan Singh

"वाह आदरणीय रवि भाई, चली चला की बेला में आई आपकी लघुकथा देर तक सोचने पर विवश कर देगी,…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jul 1, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-3 (विषय: बंधन)

1256 Jul 1, 2015
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीया श्रधा जी आपकी लघुकथा बहुत ही ससक्त होकर सामने आ रही है, बहुत बहुत बधाई."

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-3 (विषय: बंधन)

1256 Jul 1, 2015
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"लघुकथा के कुशल कारीगर से सराहना पाना पुरस्कार सदृश है, बहुत बहुत आभार आदरणीय रवि भाई."

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-3 (विषय: बंधन)

1256 Jul 1, 2015
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"दफन हुई हड्डियों की इतनी चिंता और दफ़न होने वाली हड्डियों की कोई चिंता नहीं, वाह क्या…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-3 (विषय: बंधन)

1256 Jul 1, 2015
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"सुन्दर लघुकथा हुई है आदरणीया रेनू भारती जी, बहुत बहुत बधाई."

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-3 (विषय: बंधन)

1256 Jul 1, 2015
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service