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Sushil Sarna's Discussions (1,416)

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"आदरणीय सौरभ जी इस सम्मान के लिए बन्दे की तरफ से आपको हार्दिक बधाई। ये मंच के लिए हर्…"

Sushil Sarna replied Sep 8, 2015 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"भटक रहा हूँ शहर में इसी उमीद के साथ मेरी तलाश में मिल जाए तू, तो तू ही नहीं !ढली जो…"

Sushil Sarna replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"वो आइना है मगर मेरे रू-ब-रू ही नहींजो रु-ब-रु तो मेरा अक्स हू-ब-हू ही नहीं वो काफिल…"

Sushil Sarna replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीया प्राची सिंह जी, आयोजन की सफलता हेतु हार्दिक बधाई ।"

Sushil Sarna replied Aug 9, 2015 to ओबीओ लाइव महोत्सव अंक-58 की समस्त रचनाएं एक साथ

39 Aug 30, 2015
Reply by Janki wahie

"वाह आदरणीया डॉ नीरज जी प्रदत विषय पर फंदे के फंदे खोलती  ही सुंदर प्रस्तुति दी है आप…"

Sushil Sarna replied Aug 8, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"कहां गढ़ायें लाश, आज पूछे हर बंदा ।होते क्यों हैरान, बुने जो खुद ही फंदा ।।वाह … आदर…"

Sushil Sarna replied Aug 8, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीय  Ashok Kumar Raktale    जी रचना की मार्मिकता ने आपको छुआ , मेरा सौभाग्य है। आ…"

Sushil Sarna replied Aug 8, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीया लक्ष्मण जी रचना पर आपकी स्नेहिल प्रतिक्रिया का हार्दिक आभार। "

Sushil Sarna replied Aug 8, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीया कांता रॉय  जी रचना की मार्मिकता पर आपकी स्नेहिल अभिव्यक्ति से मन मुदित हुआ।…"

Sushil Sarna replied Aug 8, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीया  Dr. (Mrs) Niraj Sharma   जी रचना की मार्मिकता ने आपके अंतर्मन को छुआ मेरा ल…"

Sushil Sarna replied Aug 8, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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