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Er. Ambarish Srivastava's Discussions (6,307)

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"धन्यवाद ! आदरणीय अरुण पाण्डेय जी"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"अवश्य आदरणीय ! सादर"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"जय हो आदरणीय .......:-)"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"आदरणीय लक्ष्मण जी, आदरणीय सौरभ जी विद्वान तो है पर विदुषी कदापि नहीं हो सकते ......:…"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"आदरणीय अरुण निगम जी, आपके द्वारा प्रस्तुत चारों कवित्त हेमंत को पूर्णतया परिभाषित तो…"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"//धूप भली सबके मन भाई सुन्दर लगती खूब रजाई मन में छिप कर बसता कन्त सखि साजन वह? ना ह…"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"जोरदार छंद रचा, भाई मेरे आपने तो गुनगुनी धूप में ये, ठंड शरमा गयी. चाय टिक्की अखबार,…"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"आदरेया शन्नो जी ! आप के वचन में मेरी भी सहमति है"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"धन्यवाद आदरेया शन्नो जी ! बचपन की स्मृतियाँ ही सबसे सुखद होती हैं ! सादर"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"//अम्बर से झरने लगी,वाह गुलाबी शीत कहाँ रजाई में छिपे,सम्मुख आओ मीत |// सम्मुख आओ मी…"

Er. Ambarish Srivastava replied Dec 9, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

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