For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

योगराज प्रभाकर's Discussions (10,563)

Discussions Replied To (8536) Replies Latest Activity

"क्या कहर ढाया है तीन हाइकु कह कर धर्मेन्द्र भाई जी, कमल ही कर दिया ! तीनो हाइकु एक त…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"बहुत ही बाकमाल ग़जल कही है देवेन्द्र गौतम जी ! छोटी बहर पर आपका उबूर यकीनन काबिल-ए-द…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"//मतलब के सारे रिश्ते हो गये।लोग लगे मानो फ़रिश्ते हो गये।।// बहुत सुन्दर मतला ! वाह…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

" //रिश्ते  रिश्ते इस धरा पर जन्म लेते ही  ख़ुद-बखुद बन जाते हैं// //संसार का रिश्त…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"बहुत सुन्दर प्रयास रवि भाई - बधाई !"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"//कमज़ोर आज रिश्तों की बुनियाद हो गई, दिल के मुहल्ले की फ़िज़ा बेदाद हो गई।//बेहतरीन मत…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

प्रधान संपादक

"आदरणीय राजेंद्र स्वर्णकार जी, आप मन्दर्जा ज़ैल लिंक पर क्लिक कर के सारा मुशायरा (मय…"

योगराज प्रभाकर replied May 31, 2011 to OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक ११ में सम्मिलित सभी ग़ज़लें एक ही जगह

17 Apr 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"कपूर साहिब, मुझे तो हैरानी इस बात की है कि गुरु जी साहिब लव-कुश और सीता जी के धरती म…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

"हा हा हा हा - गुरू जी की मिसाइलज पूरे ओबीओ में बहुत मशहूर हैं ! "

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

"सर जी - हर टिप्पणी से एक सी प्रतिक्रिया ? "आप सब का हृदय से आभारी हूँ.!"  :))))"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service