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"आपकी शाबाशी मिली - श्रम साथक हुआ आदरणीय सौरभ भाई जी ! दरअसल "जोखना" शब्द को लेकर मैं…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"बहुत बहुत शुक्रिया धरम भरा जी !"

योगराज प्रभाकर replied Jun 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"उत्साहवर्धन का बहुत बहुत आभार वंदना जी !"

योगराज प्रभाकर replied Jun 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"दो घनाक्षरी छंद रिश्ते-नाते अब कहाँ, कृष्ण-ओ-सुदामा वाले, ऊँच नीच की बुलंद, हरसू दी…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
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"अय हय हय हय - छा गए बागी जी आप तो ! क्या कमाल का घनाक्षरी छंद कहा है - दिल तो ठंडक प…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
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"आदरणीय बृजभूषण चौबे जी - इस समतुकांत कविता में आपने हरेक इंसानी रिश्ते की अहमियत को…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
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"//तेरा मुझसे, मेरा सबसे,  प्यार बढ़े,  हालात करें हम.. आओ साथी बात करें हम...........…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
Reply by Admin

"आदरणीय अम्बरीश भाई जी, क्या नगीने जड़ दिए हैं एक एक दोहे में ! हरेक इंसानी रिश्ते पर…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
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"शालिनी जी - भाव, शैली, शिल्प और प्रवाह की दृष्टि से आपकी यह कविता बहुत प्रभावशाली बन…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
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"आदरणीय सौरभ भाई जी, आप इस हाइकु पर गौर फरमाएं :   //बैठा भँवरा कुछ पल का रिश्ता   उड़…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ८

306 Jun 11, 2011
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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