For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

योगराज प्रभाकर's Discussions (10,563)

Discussions Replied To (8536) Replies Latest Activity

प्रधान संपादक

"आपका ह्रदय से अभार्री हूँ आदरणीय सौरभ भाई जी !"

योगराज प्रभाकर replied Jun 28, 2011 to "चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता - अंक ३ में सम्मिलित सभी रचनाएँ

11 Jun 28, 2011
Reply by Shanno Aggarwal

"बात बहुत खूबसूरत कहती हैं आप शारदा जी - जिस दिन वज़न में ढालने का ढब आ जाएगा, कहर ढा…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"//मेरा घर टूट के, हो जाये ना रेज़ा-रेज़ा, लिल्लाह 'इमरान' की शादी न कराई जाए.//   इस श…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"हालत-ए-हाजरा को मजमून बना बहुत अच्छे अशआर कहे हैं बागी भाई - मुबारकबाद !"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"यूं तो पूरी ग़ज़ल बहुत खूबसूरत है लेकिन इन दो शेअरों ने दिल ही जीत लिया :   // मुफ्त त…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"//साथ जीने की कसम खाना बड़ा मुश्किल है, साथ मरने की कसम खा लो जो खाई जाए..........//…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत खूब विवेक भाई, ताखीर से ही सही मगर बहुत अच्छे अशार कहे हैं ! बधाई कबूल करें !"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"हिलाल भाई - बहुत कमाल के अशार कहे हैं इस ग़ज़ल में ! दाद पेश करता हूँ !"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत कमाल की ग़ज़ल कही है आदरणीय आलोक जी, मतले से मक्ते तक एक से बढ़कर एक शेअर कहे हैं,…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत सुन्दर ग़ज़ल कही है अरुण भाई चे अग्वारा वाला शेर बहुत कमाल का बना है ! बधाई कबू…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१२( Now Closed )

714 Jun 28, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service