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शिज्जु "शकूर"'s Discussions (2,379)

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"आदरणीय वासुदेव जी अच्छी ग़ज़ल हुई है बहुत बहुत बधाई आपको"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"वाह आदरणीय रवि शुक्ला सर बेहतरीन मुरस्सा ग़ज़ल से मुशायरे को नवाज़ा है, हर शेर के लि…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आ. मोहन बेगोवाल जी मुशायरे में शिरकत हेतु बहुत बहुत बधाई आपको"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"किसी गज़ल में मत्ले के अलावा अन्य किसी शे'र के आखिरी में रदीफ का अंश आ जाता है उसे त…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत बढ़िया आदरणीया राजेश दीदी अच्छी मुरस्सा ग़ज़ल हुई है बहुत बहुत बधाई आपको"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"जो साँसे और मिल जाती तो सूरत और हो जाती।समझ लेते क़ज़ा को फिर हकीकत और हो जाती।।  बहुत…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत सुंदर आदरणीय मनन कुमार सिंह जी बधाई आपको, आ. योगराज जी ने तो तकाबुले रदीफैन की…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"वाह जनाब सतविंदर साहब बेहतरीन गज़ल है,  खिलाते हो कि जिनके नाम पे तुम आज कौओं कोअगर…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत बढ़िया ग़ज़ल हुई है जनाब गुरप्रीत साहब बहुत बहुत बधाई, आ. योगराज सर का मार्गदर्…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"मना ले ख़ैर, गुल महफूज़ हैं सब बाग़बाँ वरना तेरे गुलशन में अब तक इक बग़ावत और हो जाती ब…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-75

739 Sep 24, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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